होम लोन के लिए सिबिल स्कोर में करना है सुधार, तो अपनाएं ये आसान टिप्स

नई दिल्ली । जब भी कोई व्यक्ति होम लोन के लिए अप्लाई करता है. तो सबसे पहले बैंक अपना सिबिल स्कोर चेक करता है. हालांकि यह कहा नहीं जा सकता कि होम लोन के लिए कितना स्कोर जरूरी है. लेकिन माना जाता है कि बैंक/ लोन संस्थान 750 से ज्यादा सिबिल स्कोर को अच्छा मानती है. आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको बताने जा रहे हैं कि अगर आपको होम लोन की जरूरत है और आप सिबिल स्कोर में कोई गड़बड़ी है तो उसे आखिर कैसे ठीक किया जाए.

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सिबिल स्कोर क्या?

सिबिल स्कोर को आप किस प्रकार से समझ सकते हैं जैसे लोन प्राप्त करने के लिए एक जरूरी मानक. सिबिल स्कोर से ही बैंक व लोन संस्थान इस बात को तय करती है कि आप एक अच्छे लोग एप्लीकेंट हैं या नहीं. ऐसे में अगर आप लोन की तलाश कर रहे हैं तो सबसे जरूरी है कि आपका सिबिल स्कोर बेहतर होना चाहिए.

आखिर होम लोन के लिए क्यों जरूरी होता है सिबिल स्कोर?

सिबिल स्कोर फाइनेंशियल पैटर्न पर आधारित होता है और इसे एक संस्थान द्वारा जारी किया जाता है. क्रेडिट इनफॉरमेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड ब्राइडेड द्वारा जारी सिबिल स्कोर तीन अंको की एक संख्या होती है जो 300 से 900 के बीच में होती है. सिबिल स्कोर 900 कि जितना करीब होगा उतना ही बेहतर माना जाता है. जो आपके वित्तीय दायित्व जैसे समय पर बिल भुगतान, पिछले लोन का समय पर निपटारा, एवं अन्य वित्तीय स्थिति को दर्शाया जाता है.

क्या सिबिल स्कोर का असर होम लोन की एलिजिबिलिटी पर पड़ता है?

साधारण शब्दों में कहा जाए तो होम लोन के लिए आपकी एलिजिबिलिटी को तय करने के लिए सिबिल स्कोर काफी अहम भूमिका निभाता है. जिससे आप लोन पाने और उसे वापस लौटाने के लिए सक्षम है या नहीं इस बात का पता लगाया जाता है. जितना अधिक आप का सिविल स्कोर होगा उतनी ही आसानी से ऋण दाता आपको बेझिझक कम ब्याज दर पर लोन दे देंगे.

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अपनी देय राशि को तय समय सीमा पर चुकाए

यदि आप का क्रेडिट स्कोर कम है तो यह सुनिश्चित करता है कि आपकी दिनदारियां वक्त पर पूरी हो जाती है. क्रेडिट कार्ड की पेमेंट वक्त पर करते हैं तो आप एक वित्त रूप से जिम्मेदार व्यक्ति बन जाते हैं. आपको हमेशा अपनी पुरानी लेनदेन का रिकॉर्ड बेहतर रखना चाहिए. जिससे जरूरत पड़ने पर आपको आसानी से लोन प्राप्त हो सके.

ऋण में बैलेंस

आपका प्रवीण रिकॉर्ड सिक्योर और अनसिक्योर्ड लोन होना चाहिए ताकि इसमें संतुलन बना रहे और यदि आप का रिकॉर्ड अनसिक्योर्ड लोन और बैलेंस के मामले में फंसा हुआ है तो इसका बुरा असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ेगा.

क्रेडिट रिपोर्ट पर रखें खास ध्यान

भले ही आपकी कोई गलती हो या ना हो लेकिन हर बार अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को ध्यान से देखते रहना चाहिए इससे आपकी गलतियों और विसंगतियों का पता लगता रहता है बता दे क्रेडिट ब्यूरो हर साल ऋण कर्ताओं को प्रयोग रिपोर्ट जारी करता है.

संतुलित क्रेडिट यूटिलाइजेशन

लोन लेते वक्त देखना चाहिए कि आपका पूरा डेट एक्सटेंशन कितना अच्छा है और आप उसे किस तरह मैनेज करते हैं तो वह आपका क्रेडिट स्कोर क्या करेगा ऐसे में आपको हमेशा अपने क्रेडिट स्कोर को संतुलित बना कर रखना चाहिए. ध्यान रखें बहुत ज्यादा क्रेडिट रखने से भी आपको होम लोन प्राप्त करने में मुश्किलें आ सकती हैं.

Haryana E Khabar में पिछले 1 साल से कार्यरत हूँ. यहाँ पर मैं एंटरटेनमेंट, पॉलिटिक्स, फाइनेंस और हेल्थ से जुड़े आर्टिकल्स को कवर करती हूँ. इससे पहले मैं इंडिया न्यूज में असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत थी.