नूंह | हरियाणा की होनहार प्रतिभाएं अपनी विशेष उपलब्धि की बदौलत देश- दुनिया में हिंदुस्तान का नाम रोशन कर रही है. इसी कड़ी में नूंह जेल (Nuh Jail) में कार्यरत 45 वर्षीय राकेश कादियान ने विश्व की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) और माउंट लोहतसे (8516 मीटर) दोनों पर एक साथ चढ़ाई कर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है.
प्रथम अंतराष्ट्रीय पवर्तारोही होने का गौरव
राकेश कादियान ने बताया कि इससे पहले वह 42 साल की उम्र में दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर मात्र 15 घंटे और 53 मिनट में चढ़ाई कर तिरंगा लहरा चुके हैं. इस उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर वह हिंदुस्तान के प्रथम पर्वातारोही होने का गौरव अपने नाम कर चुके हैं.
उन्होंने बताया कि माउंट एवरेस्ट फतह करने की तैयारी करने के लिए इससे पहले वह हिंदुस्तान की सबसे ऊंची चोटी माउंट सतोपंथ (7100 मीटर), माउंट नून (7135 मीटर) और कांग यातसे (6400 मीटर) पर तिरंगा फहरा चुके हैं. 45 साल की उम्र में सभी सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ाई कर अब वह हिंदुस्तान, हरियाणा और जेल विभाग, हरियाणा का प्रथम अंतराष्ट्रीय पवर्तारोही होने का गौरव हासिल कर चुके हैं.
मास्टर एथलेटिक्स में पदकों की झड़ी
अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही होने का गौरव अपने नाम कर चुके राकेश कादियान स्टेट और नेशनल लेवल पर आयोजित हुई मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में अब तक 40 गोल्ड मेडल तथा 37 रजत पदक जीतकर हरियाणा के नाम का डंका देशभर में बजा चुके हैं. उन्होंने बताया कि इस उम्र में इस तरह की विशेष उपलब्धि हासिल कर बहुत अच्छा महसूस हो रहा है.
