अब की बार पड़ेगी जबरदस्त ठंड, 10 साल बाद सबसे कम रहेगा तापमान

पंचकुला । सर्दियों के मौसम की शुरुआत हो गई है. इस बार कड़ाके की ठंड झेलने के लिए तैयार हो जाइए, क्योंकि 20 दिसंबर से 20 जनवरी 2021 तक मौसम पर ला- नीना का असर देखने को मिलगा. जिसकी वजह से अक्टूबर महीने में ही तापमान में गिरावट आ रही थी. बता दें कि इस साल पिछले बीते 10 सालों से ज्यादा ठंड पड़ सकती है. शनिवार को पाकिस्तान की ओर से दिवाली पर साल का पहला मजबूत पश्चिमी विश्रोंम आएगा .

इसके असर के कारण पहाड़ी राज्यों में बर्फ गिर सकती है. हरियाणा राज्य के साथ-साथ कई अन्य राज्यों में हल्की बारिश भी हो सकती है. दिवाली के बाद मैदानी राज्यों में ठण्ड दस्तक देगी. बता दे कि आईएमडी पुणे के टाइम एंड रिसर्च एवं सर्विस सेंटर हेड डॉक्टर डीएस पई के अनुसार आईएमडी रिपोर्ट 1901 से दर्ज हो रहा है. पिछले 120 सालों में इस साल से पहले 39 बार ला नीना रहा. इसको देखते हुए इस साल फरवरी में तापमान सामान्य तापमान से कम होगा. हरियाणा और पंजाब दोनों राज्यों में ठंड ज्यादा पड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है और साथ-साथ घना कोहरा भी छाएगा.

Webp.net compress image 23

ला -नीना ने पारा सामान्य से नीचे किया

1904 0.99-1.4
1918 0.93-0.7
1925 1.02-1.4
1943 1.09-1.7
1974 0.92-1.8
1975 0.98-0.5

15, 16 नवंबर से बारिश की संभावना

मौसम एजेंसी स्काईमेट के विज्ञानी महेश पालावत के अनुसार सीजन के पहले पश्चिमी विक्षोभ के कारण 14 नवंबर को पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी हो सकती है. हरियाणा के साथ-साथ अन्य कई मैदानी राज्यों में हल्की बारिश भी हो सकती है. तीन-चार दिनों के बाद इन सभी क्षेत्रों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहने की संभावना है. अगला पश्चिमी विषम 21 से 22 नवंबर को आएगा.

यह भी पढ़े -  पंचकूला की मशहूर पंचम पूड़ी के दीवाने हुए लोग, 20 साल से बरकरार है जादू; ऑनलाइन ऑर्डर में भी जबरदस्त डिमांड

 तापमान  2 से 3 डिग्री रहेगा कम

इस साल जबरदस्त ठंड पड़ने वाली है. नवंबर के शुरुआती हफ्तों में ही उत्तर के सभी राज्यों में रात का तापमान सामान्य तापमान से 2 से 3 डिग्री नीचे रहा. 20 दिसंबर से हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी यूपी, उत्तरी मप्र, में ज्यादा ठंड पड़ेगी. यहां तकरीबन 20 से ज्यादा दिन बहुत ठंड के होंगे.

जाने ला नीना की वजह से से बदलता है मौसम

बता दें कि ला नीनो इफेक्ट के समय हवा प्रशांत महासागर के गर्म सतही पानी को दक्षिण अमेरिका से इंडोनेशिया ले जाती है. गर्म पानी आगे बढ़ने से ठंडा पानी स्तह पर आ जाता है और पूर्वी प्रशांत में पानी ठंडा हो जाता है. ला नीना वाले साल में हवा बहुत तेज चलती है और भूमध्य रेखा के पास पानी सामान्य से ठंडा हो जाता है. इसलिए भारत में भी रुक रुक कर शीत लहर चलती है. इसके कारण ठंड बढ़ जाती है.

Avatar of Meenu Rajput
Meenu Rajput
View all posts

मेरा नाम मीनू राजपूत है. हरियाणा ई खबर के साथ पिछले 6 साल से कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रही हूँ. मैं यहाँ पर ज्योतिष, फाइनेंस और बिजनेस से जुडी न्यूज़ कवर करती हूँ.