अब प्रदेश में 7 दिनों में ठीक होंगे गलत बिजली बिल, देरी पर अफसरों पर होंगी कार्यवाही

पंचकूला । हरियाणा में अब गलत बिजली बिल आने से परेशान उपभोक्ताओं को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत प्रदान की है. राज्य में अब बिजली बिल की त्रुटियों को 7 दिनों के भीतर ठीक किया जाएगा. यदि इसमें लेट लतीफी हुई तो संबंधित क्षेत्र के बिजली अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

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ग्रामीण क्षेत्रों में दो फीसदी मीटर खराब

हरियाणा विधुत विनियामक आयोग ने उपभोक्ताओं के बगैर रीडिंग नोट किए भारी-भरकम बिल थमाने , खराब मीटरों को बदलने में ढिलाई और शिकायतों के निपटारे में देरी पर बिजली वितरण निगमों को फटकार लगाई है. रोहतक, झज्जर, सोनीपत व पानीपत के ग्रामीण क्षेत्रों तथा कैथल व अंबाला के शहरी क्षेत्रों में दो फीसदी से अधिक मीटर खराब पड़े हैं. एचईआरसी ने उतर हरियाणा बिजली वितरण निगम को 30 सितंबर तक शहरों और 31 अक्टूबर तक ग्रामीण क्षेत्रों में मीटर ठीक करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.

शिकायतों के निपटारे में देरी पर एचईआरसी का संज्ञान

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एचईआरसी के चैयरमेन आरके पचनंदा व सदस्य नरेश सरदाना ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सिलसिलेवार तरीके से सुनवाई की. उन्होंने इस मामले को लेकर उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम से जवाबतलब भी किया है. यूएचबीवीएन की तरफ से रखी गई रिपोर्ट में पाया गया कि बिल संबंधित शिकायतों का निपटारा करने में 11 दिन का समय लगता है, जबकि नियमों के मुताबिक सात दिनों के अंदर शिकायतों का समाधान करना अनिवार्य है.

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अकेले पंचकूला जिले में ही गलत बिजली बिलों की वजह से उपभोक्ताओं पर 77 लाख रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ा है. गुरुग्राम में अधिक बिजली बिल वसूली के आठ हजार मामले सामने आए हैं. इस मामले में अब अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी.

कोरोना काल के दौरान अप्रैल व मई महीने में जारी बिलों पर स्पष्टीकरण मांगते हुए आयोग ने सात दिन के अंदर जबाब मांगा है कि इसके लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है और उस पर कितना जुर्माना लगाया गया है. इस अवधि में 13.75 % बिल अस्थाई तौर पर जारी किए गए हैं, जबकि नियमानुसार सिर्फ 0.1% बिल ही अस्थाई तौर पर जारी किए जा सकते हैं.

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पंचकूला में एचएसवीपी प्रशासक व निगम आयुक्त की जवाबदेही तय

पंचकूला में कई जगहों पर ढीलें तारों व अव्यवस्थित खंभों पर भी एचईआरसी ने संज्ञान लिया है. पंचकूला के हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक व नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए गए हैं कि वे खंभों के आसपास उगी जंगली घास की सफाई करवाएं . उन्हें अगले 15 दिनों के भीतर इस संबंध में एक्शन टेकन रिपोर्ट देने को कहा गया है.

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