सरकार की इस योजना से बदलेगी गांवों की तस्वीर, कई हजार करोड़ की प्रॉपर्टी होंगी लीगल

पंचकूला । स्वामित्व योजना के जरिए देश के तमाम राज्यों के लिए मॉडल बनकर उभरे हरियाणा ने इस योजना में अनुकरणीय उदाहरण पेश किए हैं. गांवों में लाल डोरा के अन्तर्गत आने वाली संपति का मालिकाना हक दिलाने वाली इस योजना की शुरुआत सबसे पहले हरियाणा ने की थी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हरियाणा का यह मॉडल अच्छा लगा तो उन्होंने गत वर्ष इसे देश के बाकी राज्यों में भी लागू कर दिया. उम्मीद है कि आने वाले दो महीनों के भीतर हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य बन जाएगा ,जो इस योजना के दायरे में आने वाले सभी पात्र लोगों को स्वामित्व योजना का लाभ दे सकेगा. अभी तक 1511 गांवों में प्रोपर्टी की डीड बन चुकी है और 72,445 लोगों में इसका आवंटन हो चुका है.

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प्रदेश में स्वामित्व योजना का लाभ हासिल करने वाले लोगों की अनुमानित संख्या तीन लाख से पार होने की संभावना है.गांवों में प्रोपर्टी का मालिकाना हक देने के बाद प्रदेश सरकार शहरी लोगों को भी इस योजना का लाभ देने का मन बना चुकी है. गत पांच वर्षों के दौरान हरियाणा के शहरों की परिधि में सैकड़ों गांव शामिल हुएं हैं. इससे शहरी निकायों का दायरा काफी व्यापक हुआ है लेकिन उन लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी ,जो गांवों में रहते हैं और उनकी प्रोपर्टी लाल डोरे के अंदर आती है. हरियाणा सरकार ऐसे शहरी लोगों को भी उनकी प्रोपर्टी पर मालिकाना हक देने वाली है. स्वामित्व योजना के लागू होने से गांवों में कई हजार करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी लीगल हों जाएंगी.

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शहरों के लिए कानून में संशोधन की जरूरत

प्रदेश सरकार को स्वामित्व योजना शहरों में लागू करने के लिए कानून में संशोधन करना होगा. शहरी स्थानीय निकाय विभाग और पंचायत विभाग को दो अलग-अलग संशोधित कानून तैयार करने होंगे. इस संशोधित कानून का ड्राफ्ट वित आयुक्त एवं राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल की निगरानी में तैयार होगा. कौशल की गिनती प्रदेश के बेहद सुलझे हुए अफसरों में होती है.

पूरे देश में हरियाणा के अलावा कोई ऐसा दूसरा राज्य नहीं है ,जो शहरों में आने वाले गांवों के लोगों को उनकी प्रोपर्टी का मालिकाना हक देने की योजना पर काम कर रहा है.हरियाणा के करीब 6700 गांवों में स्वामित्व योजना का लाभ 15 सितम्बर तक देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. मुख्यमंत्री की सोच है कि पंचायत चुनावों से पहले लोगों को उनकी प्रोपर्टी का मालिकाना हक मिलें.

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गांवों में झगड़ों पर लगेगा अंकुश

लाल डोरे में आने वालीं संपति का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ऐसी प्रोपर्टी की बिना दस्तावेज मुजबानी होने वाली खरीद-फरोख्त बंद हो जाएंगी. गांवों में जमीन के लिए होने वाली लड़ाईयां बंद हो जाएंगी और प्रोपर्टी पर लोग बैंक से ऋण सुविधा का लाभ भी उठा सकेंगे. सभी प्रोपर्टी के कागजात तैयार होंगे और इनके आधार पर ही जमीन की खरीद-फरोख्त हों सकेंगी.

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पंचायतों को नहीं होगा नक्शे पास करने का अधिकार

अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि स्वामित्व योजना हरियाणा सरकार की बेहद ही महत्वकांक्षी योजना हैं. योजना के अंतर्गत ड्रोन फ्लाइंग का काम लगभग पूरा हो चुका है. अब नक्शे तैयार किए जा रहे हैं. सभी जिला उपायुक्तो से आग्रह किया गया है कि 15 सितम्बर तक अपने-2 जिलों में इस योजना को लागू कर सभी को प्रोपर्टी डीड का वितरण सुनिश्चित करें.
संजीव कौशल ने बताया कि पहले पंचायतों को लाल डोरे के नक्शे को पास करने का अधिकार था लेकिन अब सरकार ने ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया हैं ताकि झगड़े की गुंजाइश ही ना रहे. स्वामित्व योजना के पूरा होने पर लोगों को कई हजार करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी का उछाल देखने को मिलेगा.

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