हरियाणा के सुरेंद्र- वीरेंद्र की दोस्ती लोगों के लिए मिसाल बनी; एक ससुराल- एक जैसे कपड़े, पढ़े किस्से

पानीपत | आमतौर पर कहा जाता है कि दोस्ती या तो इतनी गहरी हो जाती है कि एक- दूसरे के लिए जान भी दे सकते हैं या फिर जल्द ही वह दुश्मनी में तब्दील हो जाती है. लेकिन, हरियाणा के पानीपत जिले के भालसी गांव में दो लोगों ने अपनी दोस्ती इतनी कायम कर ली और इतना आत्मविश्वास पैदा कर लिया कि आज उनकी दोस्ती लोगों के लिए मिसाल बन गई है. इन दोनों दोस्तों की जोड़ी बहुत पुरानी हो चुकी है यानी करीब 22 साल पुरानी हो चुकी है. दोनो दोस्तों में 41 साल के सुरेंद्र और 42 साल के वीरेंद्र शामिल है.

Freindship Haryana

दोनों दोस्त पहनते हैं एक जैसे कपड़े

मतलौडा के भालसी गांव के 41 वर्षीय सुरेंद्र और पाल के 42 वर्षीय वीरेंद्र की दोस्ती की कहानी ऐसी है कि आज भी दोनों एक जैसे कपड़े ही पहनते हैं. दोनों 22 साल तक साथ रहे हैं. दोनों की पसंद एक जैसी है. दोनों की दोस्ती ऐसी है कि लोग दोनों को सगा भाई मानते हैं. उनकी दोस्ती की मिसाल पूरे हरियाणा में दी जाती है. दोनों सुबह से शाम तक साथ रहते हैं. एक जैसी ड्रेस पहनते हैं. दोनों के पास यहां तक कि फोन भी एक जैसा ही है.

सरपंची का चुनाव भी दोनों ने एक साथ मिलकर लड़ा

भालसी गांव के सुरेंद्र नैन ने बताया कि वीरेंद्र नैन उनके गांव के दूसरे पाना का रहने वाला है. दोनों की दोस्ती छठी क्लास में हुई थी, तब से दोनों साथ रहते हैं. उनका खेती, बिल्डिंग मटेरियल और रियल एस्टेट का बिजनेस एक साथ है. दोनों दिन भर साथ रहते हैं. इतना ही नहीं, अब ये दोनों एक साथ राजनीति भी करते हैं. सुरेंद्र ने बताया कि 2016 में उसने सरपंची का चुनाव लड़ा था. इस समय वीरेंद्र के सगे चाचा का लड़का भी उसके सामने सरपंची में खड़ा था. इस वक्त भी वीरेंद्र ने उनका साथ नहीं छोड़ा बल्कि चुनाव में उनकी हरसंभव मदद की. इस दौरान वह गांव के सरपंच भी बने.

जिला परिषद का चुनाव भी लड़ा एक साथ मिलकर

सुरेंद्र ने बताया कि 2022 में उन्होंने जिला परिषद का चुनाव लड़ा था. यह चुनाव भी दोनों ने मिलकर लड़ा था. 22 साल तक दोनों एक जैसे कपड़े और जूते पहनते हैं. भालसी गांव के वीरेंद्र नैन ने बताया कि वह स्कूल में सुरेंद्र से एक क्लास आगे थे. इसी दौरान दोनों में दोस्ती हो गई. तब से वे साथ- साथ रहने लगे. करीब 22 साल से दोनों एक जैसे कपड़े और जूते पहनते हैं.

दोनों दोस्त एक दूसरे की सलाह से करते हैं काम

ग्रामीणों ने बताया कि चाहे राजनीति हो या कोई अन्य व्यवसाय दोनों मिलकर सलाह मशविरा करके उसे आगे बढ़ाते हैं. वे हर समय एक दूसरे के सुख- दुख में भी खड़े रहते हैं. यहां तक कि आज तक दोनों एक साथ अपने ससुराल भी गए हैं. ऐसे में दोस्ती बहुत कम लोगों को मिल पाती है लेकिन सुरेंद्र और वीरेंद्र दोनों किस्मत वाले दोस्त हैं, जिनकी दोस्ती में कभी कोई रोड़ा भी नहीं बना और वर्षों से दोस्ती लगातार चली आ रही है.

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Ajay Raj
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