पानीपत | पेरिस में ओलंपिक खेलों का आयोजन हुआ. हालांकि, खिलाड़ियों का प्रदर्शन उतना नहीं रहा जितनी उनसे उम्मीदें थी. उसके बाद पेरिस में ही पैरालंपिक खेलों का आयोजन किया गया. यहां भारतीय खिलाड़ियों मेडलों की झड़ी लगा दी. इस क्रम में हरियाणा के पानीपत निवासी नवदीप ने भी जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक झटक डाला. मंगलवार को नवदीप अपने पैतृक गांव बुआना लाखु आए. गांव वालों ने उनका भव्य स्वागत किया. यहां के जिस स्कूल से नवदीप ने 12वीं तक की अपनी पढ़ाई पूरी की थी उस यूनिक पब्लिक स्कूल में उनके स्वागत समारोह का आयोजन किया गया था.
नवदीप का हुआ भव्य स्वागत
नवदीप और उनके कोचों द्वारा दीप प्रज्वलित कर समारोह की शुरुआत की गई. आसपास के गांव के युवाओं ने उनके लिए ट्रैक्टर रैली का भी आयोजन किया. इस मौके पर खास तौर पर युवा वर्ग काफी उत्साहित नजर आया. गांव की पंचायत द्वारा नवदीप के सम्मान के लिए समारोह का आयोजन किया.
इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए नवदीप ने बताया कि गांव के साथ- साथ मुझे देशभर से बहुत ज्यादा प्यार और सम्मान मिल रहा है. गांव वालों के चेहरे पर जो खुशी नजर आ रही है वह मेरे लिए अमूल्य है. प्रधानमंत्री मोदी से हुई मुलाकात के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि यह उनके लिए गर्व की बात रही. उनका यह अनुभव काफी अच्छा रहा. अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने कोच, परिवार और अपनी टीम को दिया.
नीरज को मानते हैं अपना प्रेरणास्त्रोत
नवदीप ने गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा को अपना प्रेरणा स्रोत बताया. राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने जवाब दिया कि मुझे अभी देश के लिए और भी ज्यादा मेडल लेकर आने हैं. ऐसा मेरा अभी कोई विचार नहीं है. नवदीप के गांव आगमन पर पूरा गांव काफी खुश नजर आया.
परिजनों ने कहा कि गांव ने नवदीप को सर आंखों पर बिठाया है. नवदीप की मां मुकेश देवी ने बताया कि वह बहुत ज्यादा खुश हैं. वहीं, कोचों ने कहा कि नवदीप के भव्य स्वागत को देखकर उन्हें भी बहुत ज्यादा खुशी हो रही है.
