चंडीगढ़ | हरियाणा में नगर निगम चुनावों से ठीक पहले करनाल में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस के जिला संयोजक त्रिलोचन सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक खुराना, युवा नेता नीटू मान सहित दर्जन भर नेताओं ने कांग्रेस छोड़ कर भाजपा ज्वाइन कर ली. बता दें कि त्रिलोचन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और नायब सिंह सैनी के खिलाफ दो बार करनाल विधानसभा से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं.
CM सैनी ने करवाई बीजेपी ज्वाइन
मंगलवार सुबह कांग्रेस नेताओं ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया और शाम को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया. कांग्रेस द्वारा अबकी बार मेयर पद के लिए मनोज वधवा को चुनावी मैदान में उतारा गया है. जबकि, त्रिलोचन सिंह और अशोक खुराना भी टिकट का दावेदर बताया जा रहा था.
यह नेता पार्टी में हो रही अनदेखी से नाराज चल रहे थे. हालांकि, आलाकमान ने इन्हें समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन यह भी नाकाफी साबित हुआ. इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी त्रिलोचन सिंह व अशोक खुराना के घर पहुंचे और मुंह मीठा करा कर उनका पार्टी में स्वागत किया.
100 से ज्यादा को पहनाया बीजेपी का पटका
देर शाम मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, जेजेपी और आम आदमी पार्टी के 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को पटका पहनकर भाजपा में स्वागत किया. वहीं, दूसरी तरफ सुबह अशोक खुराना, त्रिलोचन सिंह नीटू मान और रानी कंबोज के पार्टी छोड़ने की बात से कांग्रेस प्रत्याशी मनोज वर्मा और लोकसभा के प्रत्याशी रहे दिव्यांशु बुद्धि राजा चौंक गए.
जल्दबाजी में दोनों नेताओं ने मॉडल टाउन से त्रिलोचन सिंह के घर और बैंक कॉलोनी में अशोक खुराना के घर पहुंच कर उनसे मुलाकात की. तमाम मान मनौवल के बाद भी वह कामयाब नहीं हो सके. इसके बाद बुद्धिराजा ने इस बात की जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा और रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा को दी. दोनों ने त्रिलोचन सिंह से बात की लेकिन वह भी उन्हें नहीं समझा पाए.
