राज्यसभा में घमासान : दीपेंद्र सिंह हुड्डा और नरेंद्र सिंह तोमर के बीच तीखी बहस, पढ़िए संसद में हुई पूरी बहस

पानीपत | 3 नए कृषि कानूनों के संबंध में शुक्रवार को राज्यसभा में राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर आपस में भिड़ गए. जब नरेंद्र सिंह तोमर ने तीनों कृषि कानूनों के गुण जिनवाने आरंभ किए और जैसे ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम लिया तो उसी वक्त दीपेंद्र हुड्डा बीच में कूद पड़े. उसके पश्चात नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के संबंध में पढ़ कर आना.

Narender Singh Tomar and Deepender Singh Hooda

पढ़िए संसद में हुई पूरी बहस

तोमर : एक राज्य में लोग गलतफहमी का शिकार हैं.

दीपेंद्र हुड्डा : यह मामला किसी एक राज्य का नहीं है.

तोमर : मसला एक ही राज्य का है. हरियाणा सरकार का कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट देखिए. यह एक्ट हुड्डा जी के समय में आया था.

दीपेंद्र : उस एक्ट में एमएसपी से नीचे फसल खरीदने का कानून भी नहीं है.

तोमर : दीपेंद्र भाई, मुझे अपनी बात को स्पष्ट करने दीजिए.

दीपेंद्र : आपने मेरा नाम लिया है.

तोमर : नहीं मैंने आपका नाम नहीं लिया.

दीपेंद्र : हरियाणा में एपीएमसी में संशोधन का एक्ट बना परंतु उसमें यह प्रावधान भी बना दिया गया कि यदि एमएसपी से नीचे कोई फसल खरीदेगा तो उस पर कानूनी कार्यवाही और सजा होगी. सजा का प्रावधान आप भी करवाएं.

तोमर : दीपेंद्र भाई आ गई आपकी बात. इस बात का प्रश्न नहीं है कि उस एक्ट में क्या लिखा हुआ है. प्रश्न तो यह है कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट है या नहीं है. कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट कब बना और उसमें किसान गलती करेगा तो उसे जेल में जाना होगा. यह प्रावधान पंजाब के एक्ट में है. केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई एक्ट में किसान जब चाहे बाहर हो सकता है.

दीपेंद्र : यदि आप झूठ बोलेंगे तो हम नहीं सुनेंगे.

तोमर : दीपेंद्र जी, मैं इस एक्ट के बारे में बता सकता हूं. आपको पंजाब सरकार का. पंजाब के एक्ट में जेल जाने तक का प्रावधान है और 5 लाख तक के जुर्माने का भी प्रावधान है.

गुलाम नबी आजाद : आप बात हरियाणा की कर रहे हैं या किसी और एक्ट की बात कर रहे हैं.

तोमर : मैं पंजाब की बात कर रहा हूं.

आजाद : माफ कीजिए आप पंजाब की बात कर रहे हैं और यह हरियाणा की बात कर रहे हैं. इसलिए थोड़ा कंफ्यूजन हो गया.

सांसद भूपेंद्र यादव : भूपेंद्र हुड्डा की कमेटी से एक रिपोर्ट आई थी. इस रिपोर्ट में कहा गया था कि एपीएमसी को समाप्त किया जाए. उस बात का इनकार करेंगे.

दीपेंद्र : आप मेरी पूरी बात तो सुनिए.

तोमर : देखिए यह कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट और यह एक्ट सब हुड्डा जी की रिकमंडेशन की वजह से आए हैं. सभी कान खोल कर सुन लो, हुड्डा कमेटी की रिपोर्ट की वजह से ही यह एक्ट आए हैं. फिर कभी दोबारा कृषि के मुद्दे पर बहस हो तब आप इसे पढ़ कर आना और बहस करना, फिर मैं जवाब दूंगा.

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Sahil Maurya
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