अंबाला | हरियाणा की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार में सब-कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है. नई सरकार के गठन को अभी सौ दिन ही पूरे हुए हैं लेकिन सीएम नायब और उर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज के बीच की खटपट उजागर हो गई है. अनिल विज ने सरकार में सुनवाई ना होने और उनके आदेशों की अनुपालना ना होने पर इशारों-इशारों में मुख्यमंत्री नायब सैनी को आड़े हाथों लेते हुए बड़ा बयान दिया है.
कार्रवाई न होने से नाराज हैं गब्बर
गब्बर के रूप में अपनी पहचान बना चुके परिवहन मंत्री अनिल विज ने सीएम नायब सैनी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके आदेशों की अनुपालना नहीं हो रही है. जिस दिन से मुख्यमंत्री बने हैं, तब से उड़न खटोले पर ही है. ना प्रदेश की जनता की सुनवाई हो रही है और कई मंत्री भी दबे पांव नाराजगी जाहिर कर रहे हैं.
मुझे हरवाने की साज़िश रची गई: विज
अनिल विज ने कहा कि मैं अंबाला कैंट से 7वीं बार जीत हासिल कर विधायक बना हूं लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान कुछ अधिकारियों और छुटभैया नेताओं ने मुझे हरवाने की कोशिश की. मैंने लिख कर दिया था, फिर भी उनकी सुनवाई नहीं हुई और ना ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में लाई गई है.
उन्होंने कहा कि किसी बड़े नेता की ओर से मुझे हराने और मरवाने का प्रयास किया गया. अब उन पर कार्रवाई ना करने से मुझे विश्वास हो गया है. खुद मैंने कार्रवाई के लिए बोला था लेकिन हुआं कुछ नहीं. कम से कम उन अधिकारियों की ट्रांसफर तो होनी चाहिए थी लेकिन 100 दिन बीत चुके हैं और अब मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है.
बता दें कि अधिकारियों से नाराज़गी के चलते अनिल विज ने ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में शामिल होने से भी इंकार कर दिया है. उन्होंने कहा था कि जब अधिकारी मेरे आदेश की पालना ही नहीं कर रहे हैं तो बैठक में शामिल होने का क्या मतलब रह जाता है.
