संपत सिंह समेत कई बड़े नेताओं ने थामा कांग्रेस का दामन, रोमांचक हुई आदमपुर उपचुनाव की जंग

चंडीगढ़ | हरियाणा में सोमवार को अलग- अलग पार्टियों के नेताओं ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर पार्टी को मजबूती प्रदान की है. इनमें छह बार विधायक रहे व चौटाला सरकार में वित्त मंत्री रह चुके संपत सिंह ने कांग्रेस पार्टी का दामन थामा. माना जा रहा है कि संपत सिंह को कांग्रेस पार्टी आदमपुर उपचुनाव के रण में उतार सकती है. ऐसे में उपचुनाव की जंग रोचक हो सकती है.

Sampat Singh

हुड्डा पिता- पुत्र की जोड़ी ने कराई घर वापसी

32 साल तक चौधरी देवीलाल और ओमप्रकाश चौटाला के साथ तथा पूर्व में 10 साल तक कांग्रेस पार्टी में काम कर चुके संपत सिंह अपने राजनीतिक जीवन में छह बार विधायक रहे हैं. राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने बीजेपी नेता संपत सिंह की मुलाकात कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से करवाई और कल चंडीगढ़ में हुड्डा पिता- पुत्र की जोड़ी और प्रदेश अध्यक्ष उदयभान की मौजूदगी में संपत सिंह ने कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन किया.

संपत सिंह के साथ जिन अन्य नेताओं ने कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन किया उनमें पूर्व विधायक प्रो. रामभगत शर्मा, पूर्व विधायक राधेश्याम शर्मा , हिम्मत सिंह और ललित अरोड़ा है. प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने कांग्रेस का पटका पहनाकर सभी नेताओं का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि आज एक बार फिर परिवार के पुराने सदस्य इकट्ठा हो गए हैं.

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2024 में बनेगी कांग्रेस पार्टी की सरकार

संपत सिंह समेत अन्य बड़े नेताओं के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने पर पूर्व मुख्यमंत्री भुपेंद्र हुड्डा ने कहा कि यह सभी नेता अपने- अपने हल्के की मजबूत आवाज है और इन नेताओं के पार्टी ज्वाइन करने से कांग्रेस पार्टी को मजबूती मिलेगी. हुड्डा ने कहा कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों के चलते कांग्रेस पार्टी में शामिल होने वालों की संख्या का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है और इससे स्पष्ट हो रहा है कि 2024 में हरियाणा में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने जा रही है.

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स्वार्थी नेता पार्टी को बना रहे थे कमजोर

कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करने के अवसर पर संपत सिंह ने कहा कि वो भले ही कांग्रेस पार्टी से दूर हो गए थे लेकिन भुपेंद्र हुड्डा से कभी दूर नहीं हुए थे. उन्होंने कहा कि कुछ स्वार्थी किस्म के लोग कांग्रेस पार्टी के भीतर रहकर पार्टी के साथ विश्वासघात कर रहे थे और ऐसे नेता की वजह से ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी से दूरी बनाई थी. लेकिन अब पार्टी के साथ विश्वासघात करने वालों के चेहरे बेनकाब हो चुके हैं और जनता उन्हें वोट की चोट से सबक सिखाने का काम करेगी.

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