कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर अब सचिन पायलट ने दिया ये बड़ा बयान, यहाँ पढ़े अपडेट

नई दिल्ली | कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की तारीख की घोषणा के बाद से सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. इस पद के लिए उम्मीदवारों के नाम को लेकर सभी के मन में उत्सुकता है. कांग्रेस के शीर्ष पद के लिए कई नाम सामने आए हैं. शशि थरूर और अशोक गहलोत के नाम को लेकर कई खबरें सामने आई हैं. अब सचिन पायलट ने भी कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव को लेकर बयान दिया है. पायलट ने कहा है कि अक्टूबर में तस्वीर साफ हो जाएगी कि किसके हाथ में कांग्रेस की कमान होगी.

Indian National Congress INC

 

कांग्रेस अध्यक्ष पद पर सचिन पायलट का बयान

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने बुधवार को पार्टी अध्यक्ष पद की अटकलों पर कहा कि ”राजनीति में जो दिखता है वह होता नहीं है और अक्टूबर में सब कुछ साफ हो जाएगा कि पार्टी का अध्यक्ष कौन होगा.” गुलाम नबी आजाद समेत कई अन्य नेताओं के कांग्रेस छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जनता और समय तय करेगा कि इन लोगों का फैसला सही था या गलत. यहां पत्रकारों से बात करते हुए, पायलट ने कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चल रही अटकलों के बारे में पूछे जाने पर कहा, “किसी ने पहले भी कहा है कि राजनीति में जो दिखता है वह होता नहीं है, जो होता है वह दिखता नहीं है, इसलिए रुकिए “. उन्होंने कहा कि चाहे वह पार्टी में हो या किसी अन्य पार्टी के आदेश सभी के लिए सार्वमान्य है.

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बीजेपी पर निशाना

उन्होंने कहा कि खुले माहौल में चुनाव प्रक्रिया कराने का कांग्रेस का इतिहास रहा है और हम इसे कायम रख रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘किसी भी अन्य राजनीतिक दल में, खासकर भारतीय जनता पार्टी में, जो खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करती है, मैं पूछना चाहता हूं कि नियुक्तियां कैसी होती हैं, राष्ट्रपति को कौन चुनता है, कौन नामांकन करता है? आज तक मैंने नहीं देखा कि वहां कोई नामांकन कर रहा है… अक्टूबर में यह साफ हो जाएगा कि पार्टी का अध्यक्ष कौन होगा.

गुलाम नबी पर पायलट ने क्या कहा?

आजाद और अन्य नेताओं ने जब पार्टी छोड़ी तो उन्होंने कहा, ”आज का समय भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ चल रहे अभियान में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का है, अपनी भूमिका निभाने का है. जैसा कि सोनिया गांधी ने खुद कहा है कि आज पार्टी को उन्हें समय देने की जरूरत है, जिन्हें पार्टी ने इतना कुछ दिया है. ऐसा करने के बजाय अगर वह (नेता) पार्टी छोड़ देते हैं तो जनता और समय तय करेगा कि यह फैसला कितना गलत और कितना सही था.

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महंगाई से घिरा केंद्र

महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पायलट ने कहा कि अभी तक केंद्र सरकार ने यह आश्वासन देना सही नहीं समझा कि हम महंगाई पर नियंत्रण रखेंगे. उन्होंने दावा किया कि लोकसभा सत्र में भी सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आश्वासन नहीं दिया गया. पायलट ने कहा, “केंद्र सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए चतुराई से काम करती है ताकि वे कोई मुद्दा न बनें.”

‘भारत जोड़ो यात्रा होगी ऐतिहासिक’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस कमरतोड़ महंगाई के खिलाफ ‘हलाबोल’ का नारा दिया है और 4 सितंबर को दिल्ली में ‘महारैली’ का आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने कहा, उम्मीद है कि केंद्र की सोई हुई सरकार महंगाई पर काबू पाने के लिए कुछ कदम उठाने को मजबूर होगी. उन्होंने दावा किया कि सात सितंबर से शुरू हो रही यह रैली और कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ऐतिहासिक होगी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जोधपुर यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने आशा व्यक्त की कि शाह वहां पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की घोषणा करेंगे.

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लोगों को समय पर मिले न्याय’

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर, पायलट ने संवाददाताओं से कहा, “मुझे लगता है कि यह बहुत चिंताजनक है कि महिलाओं, दलितों, आदिवासियों के खिलाफ घटनाओं में वृद्धि हुई है. अनुसूचित जाति (एससी) आयोग को राज्य में संवैधानिक दर्जा और फिर सरकार को मिलकर काम करना चाहिए कि कैसे हम मामलों को नियंत्रण में लाएं और लोगों को समय पर न्याय मिले. यह बहुत महत्वपूर्ण है.’

बढ़ते अपराध पर पायलट ने कही ये बात?

पायलट ने कहा, ‘हमें ऐसा माहौल बनाना है कि कोई भी व्यक्ति लड़कियों, दलितों, आदिवासियों और महिलाओं पर कोई अत्याचार न कर सके. यह हम लोगों की जिम्मेदारी है…. उल्लेखनीय है कि एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल 2021 में देश में सबसे ज्यादा रेप के मामले राजस्थान में दर्ज किए गए. हाल ही में राजस्थान के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्र संघ चुनावों में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के उम्मीदवारों के खराब प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि पार्टी और एनएसयूआई को इन नतीजों पर चिंता करनी चाहिए कि ऐसे नतीजे क्यों आए.

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