नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सोनीपत के बीच लंबे समय से मेट्रो संचालन की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. बता दें कि रिठाला से बवाना और नरेला होते हुए हरियाणा के सोनीपत जिले के कुंडली तक प्रस्तावित मेट्रो लाइन के निर्माण में आ रही सबसे बड़ी अड़चन अब दूर हो गई है. दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की जमीन दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को आवंटित करने की मंजूरी प्रदान कर दी है. यह मंजूरी दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण में विस्तार के तहत रिठाला- बवाना- नरेला- कुंडली कॉरिडोर के लिए दी गई है.
सोनीपत तक दौड़ेगी मेट्रो
इस जमीन की जरूरत रिठाला से रोहिणी सेक्टर-25 तक बनने वाले महत्वपूर्ण रास्ता ले जाने वाले पुल निर्माण के लिए थी. भूमि आवंटन में देरी के कारण यह महत्वाकांक्षी परियोजना पर सालों से ब्रेक लगा हुआ था, लेकिन अब मंजूरी मिलने के बाद मेट्रो निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद जगी है. अब इस फैसले से न सिर्फ मेट्रो परियोजना तेज होगी, बल्कि नरेला को शिक्षा केंद्र, आवासीय क्षेत्र और खेल हब के रूप में विकसित करने की योजनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा.
समय की बचत
रिठाला- कुंडली मेट्रो कारिडोर से दिल्ली और हरियाणा के बीच सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी और ज्यादा बेहतर होगी. इससे रोहिणी, बवाना और नरेला जैसे इलाकों में ट्रैफिक और प्रदूषण कम होने के साथ लाखों लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन की सुविधा का लाभ मिलेगा. इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों का समय बचेगा और सड़क यातायात का दबाव कम होगा. यह कॉरिडोर रेल लाइन से भी जुड़ेगा, जिससे NCR में निर्बाध और सुगम यात्रा को बढ़ावा मिलेगा.
