सोनीपत | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे सोनीपत जिले (Sonipat Distrcit) के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. अच्छी खबर यह है कि सोनीपत को अपने नए लोगो की सौगात मिली है, जो शहर के समृद्ध इतिहास, आधुनिक विकास और भौगोलिक स्थिति को दर्शाता है. इसका डिजाइन करीब 450 विद्यार्थी और शिक्षकों से लिए गए आइडिया से तैयार किया है. यह लोगो स्थानीय गौरव को बढ़ाएगा और नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ेगा. मुख्यमंत्री ने लोगो का लोकार्पण किया और टीम को इस कार्य के लिए सम्मानित किया.

इस लोगो को सोनीपत जिला के महाभारत कालीन इतिहास से लेकर खिलाड़ियों, मशरूम, गेहूं, चावल उत्पादन, ऑटो मोबाइल क्षेत्र, शिक्षण संस्थान व खेल विश्वविद्यालय, एशिया की सबसे बड़ी गन्नौर सब्जी मंडी NH- 44 व मुरथल के प्रसिद्ध ढाबे और सोनीपत से गुजरती प्रसिद्ध यमुना का संगम है. प्रत्येक अक्षर में सोनीपत की झलक दिखेगी.
अक्षरों की विशेषता
S – महाभारत काल में स्वर्णप्रस्थ कहा जाता था, जिसे आज सोनीपत के नाम से जाना जाता है.
O- सोनीपत के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियन और कॉमनवेल्थ खेलों में पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया.
N- सोनीपत में हर प्रकार की फसल होती है. यहां मशरूम का उत्पादन सबसे अधिक होता है.
I- मारूति आने के बाद क्षेत्र में ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में काफी प्लांट स्थापित होंगे.
P- शिक्षा का हब रहा है. आजादी से पहले के शिक्षण संस्थान है. अब यूनिवर्सिटी भी आई है.
A- एशिया की सबसे बड़ी सब्जी मंडी गन्नौर में है.
T- सोनीपत से विभिन्न नेशनल हाईवे गुजरते है, इनमें NH- 44 सबसे पुराना है.
📢 सोनीपत जिला का नया आधिकारिक प्रतीक चिन्ह (लोगो) जारी
आज मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी ने सोनीपत जिले का अधिकारिक प्रतीक चिन्ह (लोगो) लांच किया। यह लोगो शिक्षा विभाग के APC रूपेन्द्र पूनिया के नेतृत्व में राजकीय स्कूलों के 20 प्रतिभाशाली बच्चों द्वारा तैयार किया गया है—जो… pic.twitter.com/Qi0E6wgqBy
— DIPRO Sonipat (@diprosonipat) December 11, 2025
डिजाइन फाइनल करना चुनौतीपूर्ण
प्राचार्य रूपेंद्र सिंह पुनिया ने बताया कि लोगो का डिजाइन फाइनल करना बहुत चुनौती भरा रहा. करीब 45 स्कूलों से 450 आइडिया लिए गए. इनमें शिक्षकों ने अपनी अहम भूमिका निभाई और देर रात तक कार्य किया. दिन और रात लोगो पर कार्य करते रहे. उच्च अधिकारी ऐसा लोगो चाहते थे, जिसमें सोनीपत के विकास, उपलब्धि और इतिहास की झलक दिखे. इसके अलावा, सोनीपत के साथ- साथ गुजर रही यमुना को भी दर्शाया गया है.