भिवानी की बेटी पूजा ने टोक्यो ओलंपिक में गाड़ा लट्ठ, मेडल से बस एक जीत दूर

भिवानी । टोक्यो ओलंपिक में हरियाणा के खिलाड़ियों का का प्रदर्शन अभी तक कुछ खास नहीं रहा है लेकिन भिवानी की मुक्केबाज पूजा रानी बोहरा ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जगह बना कर पदक की उम्मीद जगा दी है. जिस तरह पूजा अपने विपक्षी मुक्केबाजों के ऊपर मुक्के बरसाती नजर आ रही है उससे लग रहा है कि पूजा बोहरा देश को पदक दिलाने में निश्चित कामयाबी हासिल करेगी.

pooja

टोक्यो ओलंपिक में 75 किलोग्राम भार वर्ग में अपने पहले ही मुकाबले में मुक्केबाज पूजा रानी बोहरा ने अल्जीरिया की मुक्केबाज को 5-0 से एकतरफा हरा दिया या यूं कहें चारों खाने चित कर दिया. इसी जीत के साथ पूजा ने 75 किलोग्राम भार वर्ग मुक्केबाजी प्रतियोगिता के टॉप 8 में अपनी जगह बना ली है. पूजा का अगला क्वार्टर फाइनल मुकाबला चाइना की मुक्केबाज से होगा जिसमें जीतने के बाद पूजा का ओलंपिक में कम से कम ब्रोंज मेडल तो कंफर्म हो जाएगा. जिस तरह से अपने क्वालीफायर मुकाबले में पूजा ने प्रदर्शन किया है उससे लग रहा है कि पूजा टॉप 4 में जगह बनाने में कामयाब हो जाएगी. पूजा की शानदार जीत के बाद भिवानी, संपूर्ण देशवासियों में खुशी की लहर और पदक की उम्मीद जगी है.

पूजा का जन्म हरियाणा के भिवानी में हुआ है. उन्हें अच्छी कोचिंग और प्रशिक्षण सुविधाओं के लिए बहुत अधिक भटकना नहीं पड़ा, लेकिन उनके सामने एक दिक्कत जरूर थी. पूजा के पिता उन्हें बॉक्सर बनने के सख्त खिलाफ थे. पूजा बताती हैं कि उनके पिता ने उन्हें ऊंची आवाज में चेतावनी दी थी. उन्होंने उनसे कहा था, अच्छे बच्चे बॉक्सिंग नहीं खेलते हैं. लेकिन आज पूजा के ऊपर पूरे देश को गर्व है.

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पूजा बोहरा मेरी काम के बाद दूसरी ऐसी महिला मुक्‍केबाज हैं जिन्‍हें ओलंपिक में खेलने का टिकट मिला है. पूजा ने कामयाबी पाने के लिए काफी संघर्ष किया. 2015 की दीपावली में पूजा का हाथ जल गया और उन्हें करीब 2 साल तक रिंग से बाहर रहना पड़ा. लेकिन वे फिर से रिंग में उतरीं और कामयाबी के नए कीर्तिमान स्थापित किए. पूजा टूटकर भी नहीं बिखरी और संघर्ष को जारी रखा. पूजा रानी के कोच संजय श्योराण के मुताबिक, वह रोज सुबह और शाम को तीन-तीन घंटे तक विश्व की टॉप महिला बॉक्सरों के साथ अभ्यास कर रहीं हैं.

पूजा की उपलब्धियां:

  • 2011 में आस्ट्रेलिया में अराफूरा गेम्स में सिल्वर पदक
  • 2011 में ओपन बॉक्सिंग में कांस्य पदक
  • 2012 में मंगोलिया में एशियन महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में सिल्वर पदक
  • 2014 में कोरिया में 17वें एशियन गेम्स में कांस्य पदक
  • 2015 में चीन में 7वीं एशियन वूमेन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक
  • 2016 में सरबिया में पांचवें राष्ट्रीय मुक्केबाजी खेलों में कांस्य पदक
  • 2019 में एशियन वूमेन एमेच्योर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
  • 2021 में दुबई में एशियन वूमेन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
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Manoj Thayat
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