चंडीगढ़ | हरियाणा का मौसम लगातार परिवर्तनशील बना हुआ है. पिछले कुछ दिनों से अच्छी धूप हुई. अब मौसम का मिजाज बदलने की वजह से फिर से अल सुबह कोहरे का असर हरियाणा के कई जिलों में देखने को मिला है. फिलहाल, मौसम बदलने का मुख्य कारण पश्चिमी विश्वोभ को बताया जा रहा है.
हरियाणा में आज सुबह से ही बादल छाए रहने से ठंडी हवाएं चल रही है. सोमवार भी यही स्थिति रही. दिन में धूप नहीं निकलने से लोगों को फिर से ठंड का एहसास हुआ. न्यूनतम तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई. इस बीच मौसम वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में मौसम साफ रहेगा.
न्यूनतम तापमान में आई गिरावट
फिलहाल वैज्ञानिकों ने मौसम को गेहूं की फसल के लिए अच्छा बताया है. सोमवार को सुबह से ही बादल छाए रहे. बादल छाए रहने और धूप नहीं निकलने से करनाल, महेंद्रगढ़ और झज्जर का न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री तक पहुंच गया. मौसम लगातार बदल रहा है.
रात का तापमान कम और अधिकतम तापमान 22 डिग्री के आसपास रहने पर गेहूं की पैदावार अच्छी होगी. यदि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री और अधिकतम तापमान 25 डिग्री से ऊपर चला गया तो यह गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक होगा.
आगे ऐसा रहेगा मौसम
वैज्ञानिकों के मुताबिक फरवरी के आखिर और मार्च में तापमान 25 डिग्री से ऊपर चला जाता है, जिसका सीधा असर गेहूं के दानों पर पड़ता है. जैसे- जैसे दाना छोटा होता जाता है. उसकी चमक भी ख़त्म होती जाती है. यदि यह 24- 25 डिग्री पर रहेगा तो गेहूं के दानों के साथ इसकी पैदावार भी अच्छी होगी. जनवरी में धूप नहीं निकलने से गेहूं के दानों पर जो असर पड़ा था, वह अब धूप निकलने से दूर हो गया है.
