उत्तर हरियाणा तथा चंडीगढ़ में कम बारिश के संकेत, देशभर में रहेगा सामान्य मानसून

चंडीगढ़ । मौसम विभाग ने पूरे देश में सामान्य मानसून रहने की भविष्यवाणी की है. मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून की वजह से उत्तर व दक्षिण भारत में सामान्य बारिश होने की आशंका है. इसके साथ ही मध्य भारत में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही पूर्वी तथा पश्चिमी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है.

barish 3

मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत में भारी बारिश होने की संभावना बताई हैं. परंतु उत्तर हरियाणा के कुछ हिस्सों में कम बारिश होने की संभावना भी है। हरियाणा प्रदेश के कम बारिश होने वाले क्षेत्र अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर तथा चंडीगढ़ हैं. आपको बता दें कि यह केवल मौसम विभाग की संभावना है. इसको अभी पुख्ता नहीं कहा जा सकता है.

चंडीगढ़ में मानसून के सीजन में हर बार लगभग 600 से लेकर 900 मिली लीटर बारिश हमेशा होती है. आपको बता दें कि वर्ष 2013-14 में काफी सुखा रहा लेकिन वर्ष 2017-18 में अच्छी बारिश हुई थी. मौसम विभाग ने बताया है कि इस बार मानसून के सीजन में चंडीगढ़ का मौसम कैसा रहेगा इस बारे में अभी पुख्ता जानकारी नहीं दी जा सकती है. लेकिन हमें जो संकेत मिले हैं. उनके अनुसार उत्तर हरियाणा तथा इसके सटे हुए क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना रहेगी.

यह भी पढ़े -  हरियाणा में अब तेज गर्मी और लू चलने की बनेगी स्थिति, इन जिलों में 40 डिग्री से ऊपर पहुंचा तापमान

जून के आखिरी सप्ताह तक चंडीगढ़ में मानसून आने की उम्मीद है. मंगलवार को भी चंडीगढ़ शहर में बादल छा रहे थे. यहां का अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था तथा यह सामान्य से 8 डिग्री कम है. जबकि न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है जोकि सामान्य से 5 डिग्री कम है. पिछले 24 घंटों में 18 एमएम बारिश भी दर्ज की गई है. चंडीगढ़ मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि अगले 3 दिनों का तापमान 35 से 37 डिग्री के बीच रहेगा. इसके साथ ही न्यूनतम तापमान 25 से 22 डिग्री
के बीच आने की संभावना है.

मानसून में किस साल कितनी बारिश

साल बारिश

  • 2020 920 एमएम
  • 2019 697.4 एमएम
  • 2018 993.3 एमएम
  • 2017 752.8 एमएम

Abhishek is a professional news writer who specializes in national affairs, public policy, and key social issues shaping the country. His reporting is grounded in verified facts, credible sources, and on ground perspectives that reflect real conditions beyond official statements. He places strong emphasis on clarity, context, and responsible journalism so readers can understand not just what is happening, but why it matters.