हिसार | हरियाणा में समय से पूर्व मानसून की एंट्री हो चुकी थी. उसके बाद, पश्चिमी विक्षोभ और विफा के कारण मानसून कमजोर पड़ गया था. अब फिर से इसकी सक्रियता देखने को मिल रही है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इन दोनों के असर के चलते प्रदेश में तीन दिन तक बरसात की संभावना बनी हुई है. ऐसा ही कुछ हाल एनसीआर और दिल्ली के इलाकों का रहेगा. सोमवार को प्रदेश के हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, कैथल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और यमुनानगर में बिखराव वाली बूंदाबांदी और बारिश दर्ज की गई.
फिर बदला मौसम का मिजाज
इस विषय में जानकारी देते हुए मौसम विशेषज्ञ डॉक्टर चंद्र मोहन ने जानकारी दी कि 3- 4 दिनों से हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में कमजोर मानसून एक बार फिर से सक्रिय होने लगा है. इन इलाकों में एक बार फिर से मौसम में बदलाव के संकेत देखने को मिल रहे हैं. बंगाल की खाड़ी में आए विफा तूफान के अवशेष से बना कम दबाव का क्षेत्र दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उससे सटे मध्य प्रदेश पर बना हुआ है. आने वाले 2 से 3 दिनों तक यह दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसपास बना रहेगा.
हल्की से मूसलाधार बरसात की संभावना
ऐसे में मानसून टर्फ की भी हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली पर आने की संभावना बनी हुई है. इसके अलावा, सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में 29 से 31 जुलाई के दौरान तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्य बरसात और कुछ जगहों पर मूसलाधार बरसात के आसार बने हुए हैं.
इन जगहों पर होगी उमस
विशेषज्ञ डॉक्टर चंद्र मोहन ने बताया कि अगस्त के महीने की शुरुआत से ही मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा. उसके बाद, मानसून टर्फ फिर से हिमालय की तलहटी में चली जाएगी. इससे उत्तरी जिलों को छोड़ बाकी सभी इलाकों में उमस भरी गर्मी आम जनमानस को परेशान करेगी.
