हरियाणा में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना, इन 46 शहरों में अलर्ट जारी

चंडीगढ़ | हरियाणा में मौसम का मिजाज बिल्कुल बदल चुका है. कई जिलों में बरसात के साथ ओलावृष्टि भी हुई है. यही कारण है कि मौसम विभाग ने हरियाणा के 46 शहरों को अलर्ट पर रखा है. इन शहरों में बारिश और ओलावृष्टि की आशंका है. ऐसे 23 शहरों की पहचान की गई है, जिनमें 70 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. आइए जानते हैं शहरों के नाम…

Barish Image

मौसम विभाग के मुताबिक, इनमें समालखा, शाहाबाद, अंबाला, कालका, बराड़ा, जगाधरी, छछरौली, नारायणगढ़, पंचकूला, बापौली, घरौंडा, करनाल, इंद्री, रादौर, इसराना, सफीदों, पानीपत, असंध, कैथल, नीलोखेड़ी, थानेसर, गुहला, पेहोवा, शामिल हैं. वहीं, समालखा, बापौली, महम, गोहाना, जुलाना, इसराना, सफीदों, जींद, पानीपत, नरवाना, टोहाना, कलायत, गुहला, भिवानी, रोहतक, बवानी खेड़ा, हांसी, हिसार, नारनौंद, खरखौदा, सोनीपत, गन्नौर में बिजली के साथ आंधी बारिश की संभावना है.

इतने एमएम हुई बारिश

हरियाणा के कुछ जिलों में 24 घंटे में रिकॉर्ड बारिश हुई. सबसे ज्यादा बारिश रोहतक में 47.0 मिमी, हिसार में 26.0, अंबाला, पानीपत में 24.0, करनाल में 20.0, जिंद में 15.0, सोनीपत में 10.0, कुरूक्षेत्र और झज्जर में 3.5 और फतेहाबाद में 2.5 मिमी दर्ज की गई. इसके अलावा, शनिवार को 9 जिलों जींद, रोहतक, पानीपत, करनाल, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, सिरसा और फतेहाबाद में ओलावृष्टि भी हुई.

इन जिलों में हुआ नुकसान

हिसार, भिवानी, उचाना और जींद के नरवाना तथा करनाल के निसिंग और मूनक क्षेत्र के गांवों में ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है. तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बिछ गई. अनुमान है कि चरखी दादरी में 25 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन पर खड़ी सरसों और गेहूं की फसल को नुकसान होगा.

हिसार में तीसरी बार हुई ओलावृष्टि

हिसार में 11 दिन में तीसरी बार ओले गिरे हैं. इसके अलावा, आदमपुर, उकलाना, बरवाला, बालसमंद क्षेत्र के गांवों में सबसे ज्यादा ओलावृष्टि हुई. इससे पहले 19 फरवरी को ओलावृष्टि हुई थी. इसके बाद, 1 मार्च को ओले गिरे. मौसम विभाग के मुताबिक, हिसार के 60, भिवानी के 70 और दादरी के 15 गांवों में ओलावृष्टि हुई.

सरकार फसलों की कराएगी गिरदावरी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने ओलावृष्टि से फसलों को हुए भारी नुकसान की विशेष गिरदावरी कराने की मांग की है. कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान को लेकर किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. ओलावृष्टि से नुकसान सरकार को हुआ है, किसानों को नहीं. मुआवजे के लिए उपायुक्त को निर्देश दिया गया है.

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