चंडीगढ़ | हरियाणा में मौसम ने यू-टर्न ले लिया है और इसके साथ ही किसानों की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया है. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण कल पूरे हरियाणा में बारिश हुई, लेकिन हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, रेवाड़ी, भिवानी और महेंद्रगढ़ में तेज हवाओं और बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी गेहूं, चना, सरसों की फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचाया है. खेतों में खड़ी सुनहरी बालियां ओलो की चपेट से जमीन पर बिखर गई है, जिससे गेहूं में भारी नुकसान की संभावना है.
हरियाणा में बारिश बनी चिंता का विषय
खराब मौसम और भारी ओलावृष्टि से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आई. इस बेमौसम की मार ने किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया है. कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं की बालियों को तेज हवाओं की रफ्तार ने बिखरा दिया है. वही सब्जियों की बेले और फूल नष्ट होने से किसानो को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है.
ओलावृष्टि और बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. राज्य में अधिकतम औसतन तापमान में 0.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई है. न्यूनतम तापमान में 1.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है. बारिश के बाद चली ठंडी हवाओं ने लोगों को पंखे बंद करने के साथ चादर ओढ़ने पर मजबूर कर दिया है.
आगे भी मौसम रहेगा खराब
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार 1 और 2 अप्रैल को आसमान में हल्के बादल छाएं रहेंगे और उत्तरी हिस्सों में बारिश की संभावना है. 3 से 5 अप्रैल के बीच एक नया ताकतवर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे फिर से आंधी और बारिश की संभावना होगी. बारिश के बाद हरियाणा में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.
