नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आई है. मोदी सरकार UPA सरकार की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक मनरेगा योजना का नाम बदलने की तैयारी कर रही है. मीडिया संस्थानों में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार इस योजना का नाम महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट 2025 (MGNREGA) से बदलकर पूज्य बापू रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी बिल 2025 रख सकती है.
आज होगी कैबिनेट मीटिंग
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के नए नाम को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी जा सकती है. हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से नाम बदलने को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें मनरेगा योजना को नया नाम देने के फैसले को मंजूरी दी जा सकती है.
क्या है मनरेगा योजना?
मनरेगा UPA सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना थी. इस योजना को साल 2025 में लागू किया गया था. इस योजना के तहत, ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक परिवार के वयस्क सदस्यों को साल में कम- से- कम 100 दिन का रोजगार देने की कानूनी गारंटी मिलती थी. इस योजना को ग्रामीण इलाकों से बेरोजगारी कम करने के उद्देश्य से क्रियान्वित किया गया था. यह योजना ग्रामीण विकास कार्यों को बढ़ावा देने और गरीब परिवारों के लिए नियमित आय का साधन थी. अधिकतर काम जल-संरक्षण, भूमि- सुधार, सड़क निर्माण और पौधारोपण से जुड़े हुए थे.
