चंडीगढ़ | हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार एक नई योजना शुरू करने की तैयारी कर रही है. राज्य की इस नई योजना का नाम ‘गुरु- शिष्य कौशल सम्मान योजना’ होगा. केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की तरफ से लगभग डेढ़ साल पहले इस योजना को शुरू करने का ऐलान किया गया था, मगर यह जमीनी तौर पर लागू नहीं हो पाई. अब इस योजना के लिए राज्य सरकार के बजट में प्रावधान होगा.
पहले चरण में 25000 युवाओं को कुशल बनाने की योजना
शुरु में करीब दो सौ करोड़ रुपये योजना पर खर्च किए जाने की संभावना है. इस योजना के तहत भगवान विश्वकर्मा के नाम पर बने देश के पहले कौशल विश्वविद्यालय दूधला (पलवल) के साथ मिलकर 75 हजार युवाओं को कुशल बनाया जाएगा. हरियाणा सरकार द्वारा राज्य के लगभग 25 हजार श्रमिकों के कौशल को निखारने के साथ ही पहले चरण में 25 हजार युवाओं को कुशल बनाने की प्लानिंग की जा रही है.
योजना का ढांचा नए सिरे से तैयार करने का आदेश
हरियाणा के युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता और खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने चंडीगढ़ में विभागीय अधिकारियों को गुरु-शिष्य कौशल सम्मान योजना का साँचा नये सिरे से तैयार करने के आदेश दिए है ताकि साल 2025-26 के बजट में इसके क्रियान्वयन के लिए धन का प्रविधान हो पाये. राज्य के हर जिले में आईटीआई में स्किल सेंटर और पांच जिलों में यूथ हास्टलों कों बनाने की भी प्लानिंग की जा रही है. गौरव गौतम ने इसके लिए अधिकारियों को पूरा प्रस्ताव बनाने के आर्डर जारी कर दिए हैं.
पांच जिलों में बनाए जाएंगे यूथ हॉस्टल
बजट में इन कामों के लिए राशि का प्रावधान किया जाएगा. जिन पांच जिलों में यूथ हास्टल बनेंगे, उनका सिलेक्शन बजट की स्वीकृति के बाद होगा. राज्य मंत्री ने आर्डर दिया है कि प्रदेश की सभी आइटीआई में मल्टीपर्पज हॉल का भी निर्माण करवाने की योजना बनाई जाए. इसके साथ ही डिस्ट्रिक्ट लेवल पर यूथ पार्लियामेंट का आयोजन कराने के निर्देश दिए गए हैं. यूथ पार्लियामेंट में हर जिले में 8 से 10 हजार युवा भागीदारी करेंगे.
युवाओं की प्रतिभा में आएगा निखार
बैठक के दौरान उनके द्वारा कहा गया कि गुरु-शिष्य कौशल सम्मान योजना सरकार की अहम योजना है. इसके तहत पहले चरण में 25 हजार युवाओं को कौशल विकास की ट्रेनिंग दी जएगी. इसके माध्यम से युवाओं की प्रतिभा निखरेगी और वह अच्छी कंपनियों और फैक्टरियों में काम करने के अतिरिक्त अपना रोजगार भी स्थापित कर पाएंगे. आने वाले समय में यह युवा दूसरे युवाओं को भी नौकरी उपलब्ध करवाएंगे.
अगले 5 साल में खोली जाएंगी 26 आईटीआई
गौरव गौतम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटीआई के बच्चों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार दिलाने के लिए ज्यादा से ज्यादा कंपनियों तथा औद्योगिक इकाइयों से संपर्क किया जाए. इसके साथ-साथ यह रिकॉर्ड भी रखा जाए कि कितने युवाओं को रोजगार मिला है. ऐसा इसलिए ताकि अगली बैठक में समीक्षा की जा सके. उन्होंने जानकारी दी कि अगले पांच साल के अंदर प्रदेश के विभिन्न जरूरतमंद ब्लाकों में 26 आईटीआई खोली जाएंगी ताकि युवाओं को स्किल ट्रेनिंग लेने में कोई परेशानी ना हो.
युवाओं को रोजगार मुहैया करवाना मुख्य लक्ष्य
इसके लिए रूपरेखा बनाई जा रही है. राज्य मंत्री द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुरूप कौशल योजनाओं के तहत ज्यादा से ज्यादा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के पाठ्यक्रम तैयार करें. हरियाणा सरकार का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाना है.
