चंडीगढ़ | हरियाणा में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) बहाली और E टेंडरिंग प्रणाली को लेकर आंदोलन और तेज होने की आंशका से खट्टर सरकार की मुश्किलें बढ़ने वाली है. सरपंच एसोसिएशन ने सरकार को 22 मार्च तक का समय दिया है. जिसके बाद, आगामी फैसला लिया जाएगा. नई रणनीति को लेकर एसोसिएशन पदाधिकारियों ने हरियाणा के ब्लाक स्तर पर दौरें शुरू कर दिए हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा सरपंचों को आंदोलन में शामिल किया जा सके.
वहीं, दूसरी तरफ OPS बहाली की मांग को लेकर पेंशन बहाली संघर्ष समिति भी लगातार कर्मचारियों के सम्पर्क में हैं. यह समिति 16 अप्रैल से जिलों में प्रदर्शन करेगी. एक जून से पलवल से चंडीगढ़ तक साइकिल यात्रा निकालने की योजना बनाई गई है. यानि की ये दोनों वर्ग आने वाले दिनों में खट्टर सरकार के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन सकतें हैं.
BJP प्रतिनिधियों का विरोध शुरू
सरपंचों ने बीजेपी प्रतिनिधियों का विरोध करना शुरू कर दिया है. सिरसा लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी सांसद सुनीता दुग्गल का विरोध करते हुए सरपंचों ने काले झंडे दिखाए हैं. वहीं, दूसरी ओर विपक्षी दल दोनों वर्गों के कंधे पर बंदूक रखकर अपना राजनीतिक स्वार्थ साधने में जुटे हुए हैं. कांग्रेस पार्टी सरपंचों का समर्थन करने के साथ कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम बहाली की घोषणा कर चुकी हैं.
जून में हर जिले से साइकिल यात्रा में जुड़ेंगे कर्मचारी
कर्मचारी एक जून से साइकिल यात्रा शुरू करने जा रहे हैं. इसमें टीचर्स भी शामिल होंगे. वहीं, दूसरे कर्मचारी समय- समय पर इस यात्रा में शामिल होते रहेंगे. शुरुआत में 200 कर्मचारी इस यात्रा में शामिल होंगे और यह यात्रा पलवल से शुरू होकर करीब 25 दिनों में चंडीगढ़ तक सफर तय करेगी. यात्रा के आखिरी दिन चंडीगढ़ में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा.
1 अक्टूबर को संसद कूच करने की योजना बनाई जाएगी. समिति के राज्य स्तरीय प्रधान विरेन्द्र धारीवाल ने बताया कि सरकार की ओर से गठित कमेटी के साथ दो बार वार्ता हो चुकी है लेकिन उनके पास आंकड़े ही नहीं है.
सुझाव लेने में जुटे हैं सरपंच
हरियाणा सरपंच एसोसिएशन ने सरकार को 22 मार्च तक का अल्टिमेटम दिया है. अब आगामी रणनीति को लेकर प्रधान रणबीर समैन खुद जिलों और ब्लॉकों में सरपंचों के साथ बैठक करके उनसे सुझाव ले रहे हैं. समैण का कहना है कि 22 मार्च के बाद ऐसा आंदोलन किया जाएगा कि सरकार को झुकना पड़ेगा.
