चंडीगढ़ | बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि की दोहरी मार झेल रहे किसानों को अब एक और परेशानी झेलनी पड़ रही है. सूबे में बारिश की वजह से हजारों एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है. फसल में नमी की वजह से किसान को मंडियों में अनाज पहुंचाने में निश्चित तौर पर देरी हो रही है. बार- बार हो रही बारिश से गेहूं का दाना खराब होता जा रहा है.
किसानों की इस समस्या पर विचार करते हुए डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल को रबी विपणन सीजन 2023- 24 के दौरान गेहूं की सरकारी खरीद में गुणवत्ता मानदंडों पर छूट देने के लिए पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल से हरियाणा में MSP पर गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो गई है लेकिन कटाई से पहले बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि की दोहरी मार से किसानों की फसल चौपट हो गई है.
दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि की वजह से गेहूं की फसल में दाने की चमक खराब होने के संबंध में फतेहाबाद, सिरसा, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर से रिपोर्ट ली गई है. उन्होंने बताया कि बार- बार बारिश से उत्पादन तो प्रभावित हुआ ही है. साथ ही, अनाज की गुणवत्ता पर भी असर देखने को मिला है. गेहूं के दाने की चमक फीकी पड़ गई है और कई जगहों पर दाना काला पड़ने लगा है.
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए और केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल को रबी विपणन सीजन 2023- 24 के दौरान खरीदे जा रहे गेहूं की गुणवत्ता मानदंडों में छूट दी जानी चाहिए. उन्होंने बताया कि बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हुई फसलों के मुआवजे को लेकर सरकार ने किसानों से मेरी फसल- मेरा ब्योरा पोर्टल पर नुकसान का ब्योरा दर्ज करने को कहा गया है. किसान साथी जल्द से जल्द फसल का ब्योरा देकर मुआवजे के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं.
