हरियाणा शिक्षा बोर्ड पर हाईकोर्ट ने ठोका एक लाख का जुर्माना, कार्य प्रणाली को बताया असंवेदनशील; ये है मामला

चंडीगढ़ | हरियाणा शिक्षा बोर्ड पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab & Haryana Highcourt) ने एक मामले पर फैंसला सुनाते हुए 1 लाख रूपए का जुर्माना लगाया है. इतना ही नहीं, कोर्ट ने बोर्ड की कार्य प्रणाली को असंवेदनशील बताया है. दरअसल, एक याची ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उसने बताया कि उसने हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी एचटेट के लिए आवेदन किया था.

HIGH COURT

परीक्षा के दिन था फंगल एलर्जी से पीड़ित

परीक्षा के दिन वह परीक्षा देने एग्जाम सेंटर पर पहुंचा. जिस दिन परीक्षा थी उस दिन वह फंगल एलर्जी से पीड़ित था, जिस कारण वह बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं करवा पाया. उसके बाद परीक्षा केंद्र पर मौजूद नियंत्रक ने उसे मैन्युअल उपस्थिति दर्ज करवा कर एग्जाम देने की अनुमति दे दी. बाद में जब परीक्षा का रिजल्ट घोषित किया गया तो उसका परीक्षा परिणाम रद्द कर दिया गया. ऐसा इसलिए क्योंकि बायोमेट्रिक की उपस्थिति नहीं हो पाई थी.

यह भी पढ़े -  सिरसा, हिसार समेत 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, हरियाणा मौसम विभाग ने दी चेतावनी

बोर्ड पर लगाया जर्माना

जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी ने मामले की सुनवाई के बाद फैंसला सुनाते हुए कहा कि परीक्षा परिणाम रद्द करने का कारण बायोमेट्रिक मशीन का काम न कर पाना है. याची द्वारा नवंबर 2019 में एचटेट की परीक्षा दी गई थी. उसका परीक्षा परिणाम रद्द किया गया, जिस कारण उसके करियर को काफी ज्यादा नुकसान हुआ. शिक्षा बोर्ड द्वारा उसका परिणाम रद्द करने के पीछे जो कारण बताए गए हैं, उसकी वजह से वह बाकी परीक्षा देने से भी वंचित रह गया था. इसलिए बोर्ड को जुर्माना अदा करना चाहिए और एक महीने में उसका परीक्षा परिणाम भी जारी करना चाहिए.

Avatar of Nisha Tanwar
Nisha Tanwar
View all posts