चंडीगढ़ | हरियाणा विधानसभा चुनावों (Haryana Assembly Election) के बाद जारी हुए एग्जिट पोल ने हर जगह खलबली मचा दी है. कांग्रेस पार्टी जहाँ एग्जिट पोल के रुझानों को अपने पक्ष में आने से उत्साहित नजर आ रही है और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का दावा कर रही है. वहीं, BJP इसके उलट एग्जिट पोल के नतीजे को दरकिनारा करते हुए पूर्ण बहुमत का दावा कर रही है. कार्यवाहक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 8 अक्टूबर को परिणाम अपने पक्ष में आने का दावा कर रहे हैं, लेकिन बीजेपी ने निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी अपनी नज़रें गड़ा ली हैं.
दोनों दलों ने लगाई नेताओं की ड्यूटी
भाजपा उन निर्दलियों से संपर्क बनाने की कोशिश कर रही हैं, जिनकी जीतने की स्थिति बन रही है. वहीं, कांग्रेस के दिग्गज नेता भी अब निर्दलियों को साधना शुरू कर चुके हैं. 8 अक्टूबर के परिणाम के बाद निर्दलिय प्रत्याशियों को साधने के लिए दोनों ही दलों ने अपने नेताओं की ड्यूटी लगा दी है. खुफिया आगे एजेंसियों द्वारा मजबूत निर्दलीय प्रत्याशियों की हर गतिविधि पर नजर रखनी शुरू कर दी जा चुकी है.
वैसे तो प्रदेशभर में अलग- अलग विधानसभा क्षेत्रों से कई निर्दलीय प्रत्याशी मजबूत स्थिति में है, लेकिन सबसे मजबूत निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भाजपा की बागी, हिसार से सावित्री जिंदल का नाम सामने आता है. उन्हें मनाने के लिए उनके भाजपा सांसद नवीन जिंदल को जिम्मा सौपा गया है.
इन पर भी टिकी निगाहें
गन्नौर से भाजपा के बागी देवेंद्र कादियान के पीछे सीएमओ के अधिकारियों को लगाया गया है. रानियां से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे रणजीत चौटाला और गुरुग्राम से नवीन गोयल पर भी भाजपा ने नजर टिका रखी हैं. दूसरी तरफ, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से भी रणजीत चौटाला की करीबी रही है. यही कारण है कि कांग्रेस भी इनके संपर्क में है. पृथला से निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत और महम से बलराज कुंडू पर भी दोनों दलों की निगाहें टिकी हुई है.
वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस की बागी अंबाला कैंट से चित्रा सरवारा ने अनिल विज को कड़ी टक्कर दी है. पानीपत से रोहिता रेवड़ी, बड़ौदा में कपूर सिंह नरवाल पर भी पार्टी निगाह बनाए हुए हैं. बहादुरगढ़ से निर्दलीय राजेश जून, पुंडरी से सतवीर भाणा, कलायत से अनीता ढुल भी निर्दलीय के तौर पर कड़ी टक्कर देते नजर आ रहे हैं.
