चंडीगढ़ | हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की तरफ से नई CET परीक्षा के अधिसूचना जारी हो चुकी है. सीईटी पॉलिसी में कई तरह के बदलाव किए गए हैं. इसके बाद, संशोधित पॉलिसी जारी हुई है. संशोधन होने के बाद अब उम्मीदवारों को आर्थिक सामाजिक मानदंड के 500 तक नहीं दिए जाएंगे. इसके साथ ही, मुख्य परीक्षा के लिए चार गुना की अपेक्षा 10 गुना सीईटी पास उम्मीदवारों को बुलाया जाएगा.
एक ही उम्मीदवार होगा कई बार शॉर्टलिस्ट
युवाओं की तरफ से मांग उठाई जा रही थी की परीक्षा को क्वालीफाई किया जाए मगर इस क्वालीफाई ना करके 10 गुना किया गया है. CET में संशोधन होने के बाद भी एक ही उम्मीदवार एक ही पद के लिए कई बार ग्रुप में शॉर्टलिस्ट होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि विज्ञापित पदों के मुकाबले सीईटी पास 10 गुना उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा. यह 10 गुना विज्ञापित पदों की संख्या का लिया जाएगा.
जब एक समान वेतनमान वाले एक ही पदनाम वाले और एक समान शैक्षणिक या तकनीकी योग्यता वाले पदों का ग्रुप बनाया जाएगा, तो इन एक समान पदनाम वालों की कुल संख्या का 10 गुना शॉर्टलिस्ट नहीं होंगे बल्कि जिन-जिन विभागों के वे पद होंगे, उनके लिए बार-बार मेरिट वाले उम्मीदवार ही शॉर्टलिस्ट किये जायेंगे.
ज्यादा अंकों वाले उम्मीदवार ही होंगे फिर से रिपीट
इससे वे सीईटी पास उम्मीदवार सरकारी भर्तियों के लिए कौशल परीक्षा नहीं दें सकेंगे, जिनके सीईटी में अंक कम हैं.ये अंक किसी भी वजह से कम रह सकते हैं लेकिन यह जरूरी नहीं कि जब वह कौशल परीक्षा दे तो उसके अंक फिर भी कम रहेंगे. वे अंक ज्यादा भी हो सकते है.
भले ही 5 लाख युवा सीईटी को पास कर लें, लेकिन उन सभी को नौकरी पाने का अवसर नहीं मिल पाएगा. सिर्फ ज्यादा अंकों वाले उम्मीदवार ही रिपीट होंगे. तकनीकी पदों के लिए भले ही सभी सीईटी पास को मौका मिल जाए पर 10 जमा 2 या साधारण ग्रेजुएशन योग्यता वाले पदों के लिए एक ही उम्मीदवार बार-बार रिपीट होने से दूसरे युवाओं को मौका नहीं मिल पाएगा.
परीक्षा क्वालीफाई करने के लिए उठाई थी मांग
जब तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल जन संवाद कार्यक्रम कर रहे थे, तब उनके करीबन हर कार्यक्रम में युवाओं ने सीईटी को क्वालीफाई करने की मांग उठाई थी. कुछ युवाओं ने जिला स्तर पर आंदोलन भी चलाया था और विधायकों को मांग पत्र भी सौंपे थे कि सीईटी को क्वालीफाई किया जाए. अब सरकार ने संशोधन किया तो सीईटी को क्वालीफाई नहीं किया है, बल्कि 10 गुना उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट लिस्ट करने का फैसला किया है.
सरकार की तरफ से सीईटी पॉलिसी में विज्ञापित पदों का 10 गुना को शॉर्टलिस्ट करने का प्रावधान किया है. विशेष परिस्थिति में HSSC को 10 गुना शॉर्टलिस्ट करने के फॉर्मूले में छूट देने का अधिकार दिया है. यह अधिकार तब यूज़ होगा ज़ब 10 गुना शॉर्टलिस्ट करने पर भी लिखित परीक्षा के लिए योग्य उम्मीदवार नहीं मिलते हैं.
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने पिछले दिनों सरकार को बताया था कि सीईटी पॉलिसी में कुल पदों की संख्या से चार गुना उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने के कारण एक ही उम्मीदवार कई बार शॉर्टलिस्ट हुए थे. ऐसे में अन्य उम्मीदवारों को दूसरे चरण की परीक्षा में शामिल होने का मौका नहीं मिल रहा है. इससे वें उम्मीदवार नाखुश है जो अपने विषय के जान में अच्छे हैं. साथ ही, यह एक गलत धारणा पर आधारित है कि जो उम्मीदवार चरण- एक की परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया, वह दूसरे चरण में भी अच्छा प्रदर्शन करने में विफल रहेगा.
चार गुना के प्रावधान से रिपीट हुए उम्मीदवार
आयोग ने जानकारी दी कि ग्रुप नंबर 56 में कुल पदों की संख्या 7185 थी, लेकिन इस ग्रुप के लिए यूनीक उम्मीदवार 13675 ही शॉर्टलिस्ट हो सके. एक उम्मीदवार अधिकतम 25 बार शॉर्टलिस्ट हुआ है. इसी प्रकार ग्रुप नंबर 57 में कुल पदों की संख्या 7072 थी. इनके लिए 25323 यूनीक उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट किये गए. एक उम्मीदवार अधिकतम छह बार शॉर्टलिस्ट हुआ. ग्रुप नंबर एक में कुल पदों की संख्या 981 थी, इनके लिए 1905 यूनीक उम्मीदवार ही शॉर्टलिस्ट हो सके. एक उम्मीदवार अधिकतम 16 बार शॉर्टलिस्ट हुआ. इसी तरह ग्रुप नंबर दो में कुल पदों की संख्या 517 थी व इनके लिए 1143 यूनीक उम्मीदवार ही शॉर्टलिस्ट हो पाए. एक उम्मीदवार अधिकतम आठ बार शॉर्टलिस्ट हुआ.
50566 यूनीक उम्मीदवार हुए थे शॉर्टलिस्ट
आयोग ने बताया कि कुल 24220 पद थे. इन पदों के लिए चार गुना के अनुसार 96880 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट होने चाहिए थे, मगर 50566 यूनीक उम्मीदवार ही शॉर्टलिस्ट हो सके. इसके अतिरिक्त 15603 उम्मीदवार ऐसे हैं जो एक से ज्यादा ग्रुपों में शॉर्टलिस्ट हुए हैं. इनमें से 535 तो तीन से ज्यादा ग्रुपों में शॉर्टलिस्ट हुए हैं. एक से ज्यादा पदों के लिए 19109 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट किये गए, जिनमें से 7401 तीन से ज्यादा पदों के लिए शॉर्टलिस्ट हुए.
