चंडीगढ़ | फरवरी के अंत में शुरू होने वाला हरियाणा विधानसभा (Haryana Vidhansabha) का बजट सत्र विपक्ष के नेता के साथ आयोजित होने की पूरी संभावना है. भाजपा सरकार का गठन हुए लगभग तीन महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कांग्रेस पार्टी अपने विपक्षी नेता का चयन नहीं कर पाई है. पार्टी के शीर्ष नेता इस समय दिल्ली विधानसभा चुनाव में व्यस्त हैं. 8 फरवरी को चुनाव परिणामों के बाद पार्टी के नेता हरियाणा की राजनीति पर ध्यान देंगे.
हुड्डा ने दिए संकेत
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दिल्ली चुनाव के बाद हरियाणा कांग्रेस के संगठन के सक्रिय होने और विपक्ष के नेता के चयन के संकेत दिए हैं. हालाँकि, खुद हुड्डा को विपक्ष के नेता के तौर पर सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है. बता दें कि पिछले भाजपा शासन में भी हुड्डा ही विपक्ष के नेता थे. कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी से परशान पार्टी के शीर्ष नेताओं ने हरियाणा कांग्रेस को फिलहाल अपने हाल पर छोड़ दिया है.
चुनावों में मिली हार की जिम्मेदारी तय करने को लेकर प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया और प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान के बीच विवाद चल रहा है. इसके अलावा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा के बीच भी अभी तक सुलह नहीं हो पाई है.
हुड्डा खेमा संभाल रही चुनावों की कमान
दिल्ली चुनाव में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सांसद बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा, रणदीप सुरजेवाला और कुमारी सैलजा को स्टार प्रचारक बनाया गया. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दिल्ली चुनाव में कांग्रेस की जीत के लिए अपरोक्ष रूप से जिम्मेदारी संभाले हुए हैं. वह लगातार आप और भाजपा पर आक्रामक नज़र आ रहे हैं. वह कह चुके हैं कि कांग्रेस के समय में दिल्ली का असली विकास हुआ था और बाद में किसी दल ने यहाँ काम नहीं किया.
14 से शुरू होगा बजट सत्र
हुड्डा ने अपनी पार्टी के विधायकों और सांसदों को दिल्ली चुनाव में पूरी लगन से जुटने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भाजपा ने विपक्ष के नेता का चयन करने में कई महीनों का समय लिया था, इसलिए अगर हरियाणा में देरी हो रही है तो कोई अजीब बात नहीं है. बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 23 फरवरी को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है, जिसमें बजट सत्र की तिथि घोषित की जाएगी. उम्मीद जताई जा रही है कि 14 फरवरी से हरियाणा विस बजट सत्र शुरू हो सकता है.
