हिसार | हरियाणा में बीते तीन दिनों में हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है. खासतौर पर गेहूं की फसल खेतों में बिछी हुई नजर आ रही है, जिससे पैदावार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. इसे देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) ने किसानों को राहत देने का ऐलान किया है. उन्होंने संबंधित जिलों के उपायुक्तों को फसलों के नुकसान का विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं.
जल्द खुलेगा पोर्टल
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए जल्द ही क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जाएगा, जहां किसान मुआवजे के लिए आवेदन कर सकेंगे. उन्होंने कहा, ‘जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि अगर ओले पड़े तो वे किसान की फसल पर नहीं, प्रदेश सरकार के खजाने पर पड़ेंगे. किसान भाई चिंता न करें. ओलावृष्टि के कारण खराब हुई फसल के मुआवजे के लिए जल्द ही क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया जाएगा.’
मौसम हुआ साफ
पिछले तीन दिनों की बारिश के बाद अब प्रदेश में मौसम साफ हो गया है. हालांकि, ठंडी हवाएं अभी भी जारी हैं. मौसम विभाग के अनुसार, 5 मार्च तक इसी तरह ठंडी हवाएं चलने की संभावना है, जिससे रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी. सोनीपत के सरगथल में सबसे ज्यादा तापमान गिरा है, जहां यह 14 डिग्री से घटकर शून्य डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. पानीपत, अंबाला और हिसार में बीते दो दिनों में 10 एमएम तक बारिश दर्ज की गई है. दक्षिण हरियाणा के कुछ इलाकों को छोड़कर पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि देखी गई है.
