पलवल | हरियाणा के पलवल जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत, बेघर, कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों को पक्के मकान देने के लिए सर्वे शुरू हो गया है. ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार और हरियाणा के सर्वस्व आवास विभाग के निर्देशानुसार इस सर्वे को पूरा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 तय की गई है. इसके तहत, ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को 1,38,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे अपना नया घर बना सकें.
मिलेगी आर्थिक सहायता
इस बारे में जानकारी देते हुए जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई एक विस्तृत ग्रामीण आवासीय योजना है. इच्छुक परिवार पंजीकृत सर्वेयर या स्वयं (सेल्फ- सर्वे) के माध्यम से अपना सर्वे करवा सकते हैं. इसके लिए वे अपने ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच, ग्राम सचिव या संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. सर्वे आवास प्लस ऐप पर किया जाएगा.
यह लोग नहीं होंगे पात्र
- जिनके पास मोटर चालित दो, तीन या चार पहिया वाहन या मछली पकड़ने की नाव हो.
- मशीनीकृत तीन या चार पहिया कृषि उपकरण हो.
- 50 हजार रुपए या उससे अधिक की क्रेडिट सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड हो.
- परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो.
- सरकार के साथ पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम वाला परिवार हो.
- परिवार के किसी सदस्य की मासिक कमाई 10 हजार रुपए से अधिक हो.
- टैक्स भरता हो.
- रेफ्रिजरेटर या लैंडलाइन फोन का मालिक हो.
- 2.5 एकड़ या उससे अधिक सिंचाई योग्य ज़मीन और कम से कम एक सिंचाई उपकरण हो.
- 2 या अधिक फसल मौसमों के लिए 5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि हो.
- कम- से- कम 7.5 एकड़ या उससे अधिक भूमि और एक सिंचाई उपकरण हो.
