महेंद्रगढ़ | हरियाणा के लिए एक और गौरवमई खबर सामने आई है. यहां एक पैर से दिव्यांग (70%) राजबीर (Rajveer) ने हिंद महासागर में स्थित 30 किलोमीटर के रामसेतु को महज साढ़े 8 घंटे में पार करते हुए एक नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया. उनके लिए ये रिकार्ड बनाना उतना आसान नहीं था, लेकिन कड़ी मेहनत और सच्ची लगन की बदौलत आज राजबीर ने इतना बड़ा कीर्तिमान स्थापित कर दिखाया.
पिछला रिकॉर्ड ध्वस्त किया
भारतीय तैराकी फेडरेशन की ओर से गत 18 अप्रैल को हिंद महासागर में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया, जिसमें महेंद्रगढ़ जिले के गांव बाघोत निवासी राजबीर ने भी हिस्सा लिया था. यहां उन्हें 30 किलोमीटर लंबे रामसेतु को पार करना था. इससे पहले रामसेतु को सबसे कम समय में पार करने का रिकॉर्ड समय साढ़े 11 घंटे था, लेकिन हरियाणा के राजबीर ने इसे मात्र साढ़े 8 घंटे में पार करते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया.
अब 5 जून को राजबीर लंदन के लिए रवाना होगा जहां उसे इंग्लिश चैनल में तैराकी करनी है. ये चैनल अटलांटिक महासागर में पड़ता हैं और वहां का तापमान 12- 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. ऐसे में राजबीर के लिए यह चुनौती आसान नहीं रहने वाली है, लेकिन इसके लिए वो निरंतर अभ्यास कर रहा है.
सरकार से मदद की गुहार
राजबीर के पास लंदन जाने के लिए अभी एक महीने का समय ही बचा है, लेकिन पैसों की तंगी के चलते अभी तक उनका वीजा नहीं बन पाया है. इसके अलावा, विदेश में प्रैक्टिस और रहने- खाने पर भी करीब 10 लाख रुपए खर्च होंगे, लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति इस खर्च को वहन नहीं कर सकती हैं. ऐसे में उसने सरकार से मदद की गुहार लगाई है.
गांव के जोहड़ से शुरू किया अभ्यास
70% दिव्यांग राजबीर 5 भाई- बहनों में सबसे छोटा हैं. बचपन में राजबीर को कुश्ती खेलने का बहुत शौक था. एक दिन कुश्ती मैच के दौरान राजबीर की फुर्ती देखकर वहां मौजूद मास्टर सुखबीर सिंह उनसे काफी प्रभावित हुए और उन्हें तैराकी में किस्मत आजमाने की सलाह दी. मास्टर की सलाह मानकर राजबीर ने गांव के जोहड़ में तैराकी का अभ्यास करना शुरू कर दिया.
तैराकी में और ज्यादा निपुणता हासिल करने के लिए उसने मास्टर सुखबीर सिंह के सहयोग से भिवानी के स्वीमिंगपूल में अभ्यास करना शुरू कर दिया. हालांकि, लिगामेंट में परेशानी होने पर डाक्टरों ने उन्हें तैराकी छोड़ने की सलाह दी, लेकिन राजबीर ने अपना अभ्यास जारी रखा और आज उनके जुनून व जज्बे को हर कोई सलाम कर रहा है.
