नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक संचालन को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में यदि आपको IGI एयरपोर्ट से एम्स तक एमरजेंसी स्थिति में मरीज को लेकर जाना है या फिर दिल्ली एयरपोर्ट से हवाई उड़ान भरनी है, तो अब दक्षिणी दिल्ली और गुरुग्राम की जनता को ट्रैफिक जाम से नहीं जूझना पड़ेगा.
इसके लिए नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने दिल्ली एम्स से IGI एयरपोर्ट तक एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है. अब 27 मई से इसकी उपयोगिता जांची जाएगी. इसके लिए पेशेवर फर्म को आमंत्रित किया गया है. स्टडी रिपोर्ट आने के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी.
11 साल पहले बनी थी योजना
इस एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की योजना आज से 11 साल पहले PWD ने तैयार की थी, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार के साथ तत्कालीन दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार का समन्वय स्थापित नहीं होने से योजना लटक कर रह गई. अब इसकी जिम्मेदारी NHAI को सौंपी गई है.
हरियाणा के 2 महत्वपूर्ण और बड़े गुरुग्राम और फरीदाबाद दोनों ही जिले दक्षिणी दिल्ली से जुड़े हुए हैं. हाल ही में NHAI को महरौली- गुरुग्राम रोड और आश्रम से फरीदाबाद बॉर्डर रोड तक की चौड़ाई बढ़ाने का काम सौंपा गया है. दक्षिणी दिल्ली की प्रमुख सड़कों पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण की योजना बनाई गई है.
यह रहेगा रूट
पहले चरण में एम्स से लेकर IGI एयरपोर्ट के नजदीक महिपालपुर बाइपास तक इसे आकार दिया जाएगा. इसके बाद, महिपालपुर से आगे बढ़ाते हुए गुरुग्राम- फरीबाद रोड तक विस्तार दिए जाने की योजना है. बता दें कि दूसरे राज्यों के गंभीर मरीजों को कई बार एयरलिफ्ट कर एम्स लाया जाता है. ऐसे में इस एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण से एयरपोर्ट से एम्स तक बार- बार ग्रीन कॉरिडोर बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वहीं, दिल्ली और गुरुग्राम से एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा.
