नई दिल्ली | फ्लिपकार्ट, Amazon, जोमैटो जैसी कंपनियों में कार्यरत लाखों डिलीवरी बॉय और कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. इन गिग वर्करों को अब पेंशन का लाभ देने की तैयारियां शुरू हो गई है. Amazon, ओला, उबर जैसी कई कंपनियों ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताई है. अगले महीने होने वाली कैबिनेट मीटिंग में इस प्रस्ताव को रखा जा सकता है.
कौन है गिग वर्कर्स?
ऐसे कर्मचारी जो अनुबंधित आधार पर किसी संस्थान के लिए काम करते हैं और इन्हें काम के बदले भुगतान किया जाता है, गिग वर्कर्स कहलाते हैं. इनमें फ्रीलांसर्स, ऑनलाइन सर्विस देने वाले कर्मचारी, कंटेंट क्रिएटर्स, कॉन्ट्रैक्ट फर्म के साथ जुड़े कर्मचारी, डिलीवरी का काम करने वाले कर्मचारी, कैब ड्राइवर आदि शामिल हैं, जो अस्थायी कर्मचारी होते हैं.
सरकार की प्लानिंग
गिग वर्कर्स को पेंशन देने के प्रस्ताव पर ऑनलाइन फूड और सामान डिलीवर करने वाली कई बड़ी कंपनियां सहमति जता चुकी हैं. इसके लिए एक खास अनुपात में योगदान करने की बात कही गई है. ये कंपनियां EPFO में राशि जमा कराएंगी. गिग वर्कर्स के पास पेंशन राशि का लाभ लेने के दो विकल्प होंगे.
लंबे समय से गिग वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी देने की मांग उठाई जा रही है. वित्त वर्ष 2025- 26 के बजट में भी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गिग वर्कर्स के लिए एक खास प्लेटफॉर्म शुरू करने की घोषणा की थी. इसके जरिए गिग वर्कर्स की पहचान करके उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं, पेंशन समेत कई अन्य लाभ दिए जाएंगे.
