काशवी ने 11 साल की उम्र में पास की 10वीं कक्षा, छोटी उम्र में पाई बड़ी सफलता; पढ़े सक्सेस स्टोरी

नई दिल्ली | हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा 10वीं कक्षा के बोर्ड के नतीजे की घोषणा की गई. इन नतीजे में कई ऐसे विद्यार्थियों से देश की जनता रूबरू हुई जिन्होंने अपनी अथक मेहनत और कड़े दृढ़ संकल्प से अपनी विलक्षण प्रतिभा का लोहा बनवाया. इनमें कुछ ऐसे विद्यार्थी भी रहे, जिन्होंने शत प्रतिशत अंक लेकर अपने माता- पिता, स्कूल और शहर का नाम रोशन किया. यहां तक तो बात नंबरों की थी, लेकिन हिमाचल प्रदेश की काशवी की चर्चा भी इन परिणामों के घोषित होने के बाद से लगातार सोशल मीडिया पर की जा रही है. अबकी बार मुद्दा नंबरों का नहीं है.

Kahsvi CBSE Board

छोटी उम्र में पाई बड़ी सफलता

इस लिए आई चर्चा में खास बात है काशवी की उम्र. जी हां! मात्र 11 साल की उम्र में काशवी ने सीबीएसई की दसवीं की परीक्षा को पास कर एक नया कीर्तिमान रचा है. अब सबके मन में सिर्फ एक ही सवाल है कि कैसे इतनी छोटी सी उम्र में इस बच्ची ने दसवीं की परीक्षा दे दी, जबकि सरकार का नियम 6 साल के बच्चे को स्कूल में एडमिशन देने का है. इसी की जांच पड़ताल आज हमने की है.

काशवी ने रचा कीर्तिमान

बात शुरू होती है हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के पालमपुर से. वैसे तो यह जगह चाय के बागानों के लिए जाना जाता है, लेकिन अब काशवी के कारण इस छोटे से शहर की चर्चा सोशल मीडिया पर और ज्यादा हो रही है. यहां की 11 साल की बेटी काशवी ने अपनी अनूठी प्रतिभा के चलते लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा है. यहां के लोहना की हिमुड़ा कॉलोनी में अपने माता- पिता के साथ रह रही काशवी ने दसवीं की बोर्ड परीक्षा में 95% अंक हासिल किए हैं. इतना ही नहीं, उसने इंग्लिश में 89 अंक, गणित में 93, हिंदी में 88, साइंस में 92 और सोशल साइंस में 82 अंक प्राप्त किए हैं.

2014 में हुआ जन्म

नंबरों के अलावा जो बात काशवी को खास बना रही है, वह है उसकी उम्र. दरअसल, 11 साल की काशवी का जन्म 12 मार्च 2014 को हुआ है. उसके पिता पेशे से स्कूल टीचर हैं. उम्र के बारे में जानकारी देते हुए खुद काशवी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने साल 2022 में उन्हें आठवीं की परीक्षा में बैठने की अनुमति दी थी. हालांकि, दसवीं के लिए उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से अनुमति लेनी पड़ी. कोरोना लॉकडाउन के दौरान काशवी ने पढ़ाई के दौरान तीसरी से सातवीं तक का पाठ्यक्रम पूरा कर लिया.

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दिल्ली हाई कोर्ट से मिली 9वीं की अनुमति

9वीं में उन्होंने सीबीएसई में रजिस्ट्रेशन के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख अपनाया. पढ़ाई के साथ ही काशवी को संगीत और खेल में भी काफी इंटरेस्ट है. मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, काशवी का आईक्यू महान भौतिक शास्त्री अल्बर्ट आइंस्टीन के आईक्यू के करीब है. इस बारे में और जानकारी देते हुए पिता संतोष ने बताया कि कोरोना काल में उन्हें बेटी के अंदर छिपी प्रतिभा के बारे में जानकारी मिली. काशवी की उम्र कम थी, इसलिए उन्हें बेटी की आठवीं की परीक्षा के लिए हाई कोर्ट से परमिशन लेनी पड़ी.

आईक्यू टेस्ट ने चौकाया

9वीं की परीक्षा के लिए जब सीबीएसई द्वारा रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया, तो उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ी. वह बताते हैं कि उनकी बेटी सवाल बहुत ज्यादा पूछती है. काशवी की मां कमलेश भी बेटी की उपलब्धि पर काफी खुश नजर आ रही हैं. वह कहती हैं कि उनकी बेटी 1 साल में दो- दो कक्षाओं का सिलेबस कर परीक्षा को पास कर सकती है. साल 2021 में हाई कोर्ट के कहने पर काशवी का आईक्यू टेस्ट करवाया गया था. तब पता चला कि 7 साल की काशवी का आईक्यू उस दौरान 13 साल के बच्चे के बराबर था.

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Nisha Tanwar
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