नूंह | हरियाणा के अति पिछड़े इलाकों में शुमार नूंह (मेवात) की जनता के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. सालों से इस क्षेत्र में रेल के संचालन का सपना देख रहे लोगों को बहुत जल्द रेल की सिटी बजती हुई सुनाई देगी. बता दें कि 5 दशक पुरानी इस मांग को केंद्र की मोदी सरकार (Modi Govt) ने हरी झंडी दिखा दी है. इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए 2,500 करोड़ रुपए की बजट राशि रेलवे को जारी कर दी है.
104 किलोमीटर लंबी बिछेगी नई रेलवे लाइन
इस योजना के तहत, दिल्ली से सोहना और फिरोजपुर- झिरका से अलवर तक 104 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी. इस रूट पर 7 स्टेशन प्रस्तावित है और मांग के हिसाब से इनकी संख्या को बढ़ाया जा सकता है. इस परियोजना को पूरा करने के लिए 3 साल की समय- सीमा निर्धारित की गई है, जिसके लिए तमाम औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
सबसे पहले मेवात क्षेत्र के लिए रेलवे लाइन की मांग साल 1971 में गुरुग्राम लोकसभा सीट से तत्कालीन सांसद सांसद चौधरी तैयब हुसैन ने रखी थी. इसके बाद जब भी लोकसभा या विधानसभा चुनाव हुए, तमाम राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों ने नूंह को रेल लाइन से जुड़वाने का वादा किया. इसके लिए कई बार सर्वे भी हुए, लेकिन मेवातियों की रेल की डिमांड अधूरी ही रही.
बजट में दिखाई हरी झंडी
वित्त वर्ष 2025- 26 के बजट में केंद्र सरकार ने हरियाणा सरकार की सिफारिश पर मेवात में रेलवे लाइन बिछाने की परियोजना को हरी झंडी दिखा दी थी. इसके अलावा, गुरुग्राम लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री और भिवानी- महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद धर्मबीर सिंह ने मेवात में रेल लाइन बिछाने की मांग उठा रहे थे.
राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि देश के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में शुमार जिला नूंह में ट्रेन संचालित होने से क्षेत्र की तरक्की होगी और पिछड़ेपन के टैग से मुक्ति मिलेगी. यहां रेल लाइन बिछने से नए उद्योग- धंधे स्थापित होंगे और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
