हिसार | जिलावासियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. राजगढ़ से चंडीगढ़ फोरलेन वाया दिल्ली हाईवे होते हुए बनने वाले रिंग रोड पर करीब 3 हजार करोड़ रुपये खर्च आयेगा. इसमें जमीन अधिग्रहण व सड़क निर्माण दोनों का खर्च शामिल है. नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने कंसल्टेंट की मदद से यह एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भिजवा दिया है. अब बजट मिलने के साथ ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
शहर में नहीं करनी पड़ेगी एंट्री
वर्तमान में चंडीगढ़ रोड से सिरसा रोड, सिरसा रोड से राजगढ़ रोड के बीच बाईपास बना हुआ है. मगर राजगढ़ रोड से दिल्ली रोड और दिल्ली रोड से चंडीगढ़ रोड के बीच बाईपास नहीं बना हुआ. करीब 6- 7 साल से इस बाईपास के निर्माण की मांग की जा रही है.
अगर ये बाईपास बन जाते हैं तो शहर के चारों तरफ से एक रिंग रोड बन जाइगी. इस रिंग रोड के निर्माण से जो वाहन खासकर भारी वाहन शहर के बीच से होकर जाते हैं, उन्हें शहर में दाखिल नहीं होने पड़ेगा. वे इस रिंग रोड के माध्यम से शहर में दाखिले हुए बगैर अपने गंतव्य स्थान की ओर बढ़ सकेंगे.
270 हेक्टेयर जमीन होगी अधिग्रहीत
अधिकारियों की तरफ से तैयार किए गए 3 हजार करोड़ रुपये के एस्टीमेट में से एक हजार करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे. इसमें से 500 करोड़ रुपये का वहन प्रदेश सरकार करेगी. सड़क निर्माण के लिए करीब 270 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. वहीं, सड़क निर्माण पर 2 हजार करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है. यह रिंग रोड करीब 40 किलोमीटर लंबा होगा, जो गांव देवा से शुरू होकर तलवंडी राणा के पास खत्म होगा.
इन गांवों से गुजरेगा रिंग रोड
सूत्रों की मानें तो यह रोड गांव देवां से शुरू होकर कैमरी, भगाना, लाडवा से मैय्यड़ के पास नेशनल हाईवे- 9 से जुड़ेगा. यहां से यह खरड़, नियाणा, मिर्जापुर और धांसू होते हुए तलवंडी राणा के पास NH- 52 से जुड़ेगा.
