चंडीगढ़ | हरियाणा कांग्रेस द्वारा 22 अगस्त से 24 अगस्त तक चलने वाले विधानसभा मानसून सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष के लीडर के नाम का ऐलान करने के संकेत दिए हैं. इसके लिए पांच नाम मुख्य रूप से चर्चा में चल रहे हैं. इस विषय में जानकारी देते हुए प्रदेश प्रभारी बीके हरी प्रसाद ने बताया कि पार्टी हाईकमान का प्रयास है कि हरियाणा में नेता प्रतिपक्ष चुन लिया जाए. मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ प्राथमिक तौर पर इस बारे में चर्चा हो चुकी है.
चर्चा में यह नाम
5 दिन बाद मानसून सत्र की शुरुआत हो जाएगी. कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इस फैसले में भूपेंद्र सिंह हुड्डा निर्णायक भूमिका अदा कर सकते हैं क्योंकि ज्यादातर विधायक हुड्डा खेमे के ही हैं. पार्टी दूसरे ऑप्शन को भी चुन सकती है, जिसमें हुड्डा और सैलजा दोनों का ही ध्यान रखा जा सकता है. एक और विकल्प के तौर पर रणदीप सुरजेवाला का नाम भी सामने आ रहा है. कांग्रेस हाईकमान की 6 मार्च को हुई बैठक में विधायक दल के नेता के नामों पर चर्चा की गई थी. इसमें भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम सबसे आगे चल रहा था, लेकिन आखिरी वक्त पर विधायक दल के नेता के नाम पर फाइनल मुहर नहीं लग पाई. ऐसे में अब मानसून सत्र से पहले दोबारा सीएलपी लीडर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
विपक्ष का नेता न होने से अटके काम
पिछले साल 8 अक्टूबर 2024 को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से लेकर अब तक कांग्रेस द्वारा नेता विपक्ष का चुनाव नहीं हो पाया है. विधायकों की संख्या के हिसाब से विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद कांग्रेस को मिलना है. नेता प्रतिपक्ष का चुनाव न होने से बीजेपी सरकार भी परेशान है क्योंकि कुछ पदों पर नियुक्ति के लिए सरकार के साथ नेता प्रतिपक्ष की आवश्यकता है. 7 सूचना आयुक्त और एक मुख्य सूचना आयुक्त के चुनाव का काम भी अधर में लटका हुआ है.
