नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में रिंग रोड के ऊपर 55 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना में एक और कदम आगे बढ़ाया है. लोक निर्माण विभाग ने इनर रिंग रोड (महात्मा गांधी मार्ग) पर इस कॉरिडोर निर्माण के लिए स्टडी और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए एक कंसल्टेंट नियुक्त करने के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं.
PWD के एक अधिकारी ने बताया कि सलाहकार का काम ज्यादा ट्रैफिक वाली जगहों पर जमीन अधिग्रहण की जरूरत और जल निकासी की जरूरतों का अध्ययन करना रहेगा. इसके साथ ही, वह जरूरत पड़ने पर पेड़ कटाई के लिए वन विभाग से अनुमति लेने की तरह ही अन्य अलग- अलग विभागों से मंजूरी भी लेगा.
17.6 करोड़ रुपए होंगे खर्च
उन्होंने बताया कि नियुक्त किया गया सलाहकार इस ढांचे के निर्माण के लिए DPR भी तैयार करेगा. इस अध्ययन पर 17.6 करोड़ रुपए लागत राशि खर्च होगी और DPR तैयार होने में 6 महीने का समय लग सकता है.
80 किलोमीटर लंबा
दिल्ली की बीजेपी सरकार में PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि इनर रिंग रोड पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए, हमारी सरकार ने मौजूदा सड़क के ऊपर एक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना बनाई है. कुछ जगहों पर जमीन अधिग्रहित की जाएगी और एलिवेटेड रोड को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए रैंप और लूप बनाए जाएंगे.
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर लगभग 80 किलोमीटर लंबा होने की उम्मीद है, जिसमें रैंप, लूप और अतिरिक्त कनेक्टिंग सड़कें शामिल होंगी, जिससे बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और कई भारी ट्रैफिक जाम वाली जगहों पर ट्रैफिक संचालन बेहद सुगम हो जाएगा.
