आज से पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा नवरात्रि का पावन पर्व, इस प्रकार करें कलश स्थापना

ज्योतिष | आज से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. अबकी बार 9 की बजाय 10 नवरात्रि होने वाले हैं. ऐसे में नवरात्रों का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है. अगर आप भी मां दुर्गा को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो आप अगले कुछ दिन उनके 9 स्वरूपों की विधि विधान तरीके से पूजा अर्चना करके ऐसा कर सकते हैं. नवरात्रों में कलश स्थापना का विशेष महत्व है. आज हम आपको इसी के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले है.

Navratri 2021

आज से शुरू हो रहे नवरात्रि

हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 22 सितंबर को देर रात 1:23 मिनट पर शुरू हो रही है, जो 23 सितंबर को देर रात 2:55 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के हिसाब से देखा जाए तो आज से ही नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. 2 अक्टूबर को दशहरा के साथ दुर्गा विसर्जन के साथ नवरात्रि की समाप्त होगी. माता रानी की पूजा करते समय सबसे पहले आपको एक लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाना है. उस पर मां दुर्गा की मूर्ति या चित्र स्थापित करें. इसके बाद, भगवान गणेश का ध्यान करें और कलश स्थापना करें.

इस प्रकार करें कलश स्थापना

आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है. कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते आपको लगाना चाहिए. मिट्टी या स्टील के कलश को ढक्कन से बंद करें. ढक्कन पर आपको गेहूं या चावल डालने चाहिए. यदि नारियल स्थापित कर रहे हैं, तो उस पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाकर लाल कपड़े लपेटे और कलावा से बांधे. इसके बाद कलश और मां दुर्गा की विधि- विधान तरीके से पूजा अर्चना करें. पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना की जाती है, उन्हें सफेद फूल, माला, सिंदूर, कुमकुम अक्षत अर्पित करना काफी अच्छा माना जाता है.

डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.

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Meenu Rajput
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मेरा नाम मीनू राजपूत है. हरियाणा ई खबर के साथ पिछले 6 साल से कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रही हूँ. मैं यहाँ पर ज्योतिष, फाइनेंस और बिजनेस से जुडी न्यूज़ कवर करती हूँ.