ज्योतिष | अबकी बार देवउठनी एकादशी को लेकर लोगों के मन में काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि यह 1 नवंबर को है या 2 नवंबर को. आज की इस खबर में हम आपको इसी के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले हैं. देवउठनी एकादशी के साथ ही शादी- विवाह के शुभ मुहूर्त जो बंद हो गए थे एक बार फिर से शुरू हो जाएंगे. देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी विवाह भी किया जाता है, इसी एकादशी पर देवों को उठाया जाता है. भगवान विष्णु भी चार महीने की निद्रा से जाग जाते हैं और सृष्टि का कार्यभार संभालने लग जाते हैं.
कब है देवउठनी एकादशी?
इस दिन भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप और तुलसी माता का विवाह किया जाता है. कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति तुलसी मैया के विवाह का पर्व करता है, उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं.
देवउठनी एकादशी 2025 में 2 नवंबर को सुबह 7:31 मिनट पर शुरू हो रही है. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, इस साल देवउठनी एकादशी 2 नवंबर 2025 को मनाई जाएगी. 3 नवंबर को व्रत का पारण किया जाएगा. इस साल शादी के लिए बेहद ही कम तिथि मिल रही है, इसी वजह से शादी के एक मुहर्त में आपको कई सारे विवाह देखने को मिलने वाले हैं. दिसंबर महीने में मलमास लगने से शादी विवाह पर एक बार फिर से ब्रेक लग जाएगा.
विवाह के शुभ मुहूर्त
इस बार नवंबर में 15 दिन विवाह के शुभ मुहूर्त रहेंगे. इन 15 दिनों में 2, 3, 5, 8, 12, 13, 16, 17, 18, 21, 22, 23, 25 और 30 शामिल है. दिसंबर महीने की बात की जाए, तो दिसंबर महीने में 4, 5, 6 को ही विवाह के शुभ मुहूर्त रहने वाले हैं. इसके बाद, मलमास का महीना लग जाएगा, फिर 14 जनवरी तक शादी विवाह के शुभ मुहूर्त बंद हो जाएंगे. 15 जनवरी से फिर से शादी विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे. जनवरी महीने में 16, 23, 25 और 28 को शादी विवाह के शुभ मुहूर्त रहने वाले हैं. अबकी बार आपको एक मुहर्त के अंदर कई सारी शादियां देखने को मिलने वाली है.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
