चंडीगढ़ | हरियाणा में नए जिलों के गठन को लेकर सुगबुगाहट फिर से तेज हो गई है. इसी कड़ी में चंडीगढ़ में कमेटी अध्यक्ष पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल के आवास पर एक बैठक बुलाई गई थी. इस कमेटी ने 62 प्रस्तावों की एक रिपोर्ट तैयार की हैं जिसपर विस्तार से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी के पास भेज दिया गया है.
अब प्रदेश सरकार को 31 दिसंबर, 2025 से पहले फैसला लेना होगा क्योंकि जनगणना शुरू होने से पहले सीमा बदलने की यही आखिरी तारीख है. इस बैठक में 11 जगहों हांसी, डबवाली, मानेसर, गोहाना, सफीदों, असंध, पटौदी, पिहोवा, बरवाला, असंध, नारायणगढ़ और पिहोवा पर नया जिला बनाने पर चर्चा हुई है.
हरियाणा सरकार ने तय किया मानक
प्रदेश सरकार ने नए जिले बनाने के लिए 125 से 200 गांव, चार लाख से ज्यादा आबादी और 80 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र वाला मानक रखा गया है. इस बैठक में सिर्फ नए जिले ही नहीं, बल्कि संभावित सब- डिवीजन, तहसील और उपतहसील के प्रस्तावों को भी बैठक में विस्तार से देखा गया ताकि नए प्रशासनिक ढांचे को संतुलित बनाया जा सके.
मूल्यांकन प्रकिया का हिस्सा
डबवाली और हांसी पहले से पुलिस जिला हैं, इसलिए इन्हें पूर्ण जिले के रूप में अपग्रेड करने के लिए अलग से व्यवहार्यता देखी जाएगी. अन्य जिलों के साथ इन दोनों के प्रशासनिक बोझ और जनसंख्या संतुलन को भी कमेटी ने नोट किया है. नए जिलों के अलावा, समिति को अलग- अलग क्षेत्रों से कुल 73 अन्य प्रशासनिक बदलावों के सुझाव मिले हैं. जैसे कुछ गांवों को नए उपमंडल/ उपतहसील या दूसरे जिलें में शामिल करने वाले प्रस्ताव. इनका मूल्यांकन भी उसी प्रकिया का हिस्सा है.
