हिसार | हरियाणा के हिसार जिले से सामने आया एक मामला चौतरफा सुर्खियां बटोर रहा है. यहां गांव दड़ौली में मां के 100वें जन्मदिन पर बेटों ने ग्रैंड सेलिब्रेशन किया. अपने सौवें जन्मदिन पर मीरा ने 4 पीढ़ियों के साथ डीजे पर डांस किया. 1 हजार से ज्यादा लोगों के लिए स्पेशल भोजन की व्यवस्था की गई थी. इसके अलावा, आसपास के गांवों से जान- पहचान वालों के भी न्यौते दिए गए थे. यह समारोह क्षेत्र में खूब सुर्खियां बटोर रहा है. हर कोई बेटों की इस पहल की जमकर सराहना कर रहा है.
1926 में जन्मी मीरा देवी
मीरा देवी को सही- सही तो जन्मतिथि याद नहीं है लेकिन परिवार के अनुसार उनका जन्म 1926 में हुआ था. मीरा देवी का जन्म सिरसा जिले के गांव ढुकड़ा में हुआ था और 19 साल की आयु में उनकी शादी गांव दड़ौली निवासी बिहारी लाल शर्मा के साथ हुई थी. उनके पति ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के साथ मिलकर आजाद हिंद फौज में रहते हुए आजादी की लड़ाई में अपना योगदान दिया. साल 1998 में उनका निधन हो गया था.
मीरा देवी के 6 बेटे और 3 बेटियां हैं. इनमें से 2 बेटे सरकारी अध्यापक रहे. उनके 8 पोते और 7 पोतियां है. दो पड़पोते व 3 पड़पोतियां है और 5 दोहते व 4 दोहतियां भी है. बेटे राजेन्द्र ने मीरा देवी की दिनचर्या का जिक्र करते हुए कहा कि वह अब भी पूरी तरह से स्वस्थ हैं. सुबह जल्दी उठकर घूमना उनकी पहली पसंद है. इसके बाद टॉयलेट व बाथरूम तक खुद जाती है. चारपाई पर खाना परोस देते हैं तो खुद खा लेती है. दिन में परिवार के सदस्यों और आने- जाने वालों से अच्छे से बात कर लेती है.
केक काटकर मनाया जन्मदिन
मां मीरा देवी के 100वें जन्मदिन को खास बनाने के लिए बेटों ने पहले ही तैयारियां शुरू कर दी थी. इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए केक काटा गया. हजारों लोगों के लिए पकवान बनाए गए. डीजे पर मीरा देवी ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ डांस करते हुए इस खुशी को दौगुना कर दिया. परिवार का हर सदस्य उत्साह से भरा हुआ नजर आ रहा था. इस समारोह में पहुंचे लोगों ने उनकी माताजी को अलग- अलग प्रकार के गिफ्ट देकर सम्मानित किया.
बेटों- पोतों ने सफल बनाया जीवन
बेटे महेंद्र ने बताया कि इस जन्मदिन समारोह के आयोजन में मां ने भी बड़े चाव से भाग लिया. वह सभी से हंसी- खुशी से मिल रही थी. वहीं, इस आयोजन के बाद मीरा देवी ने कहा कि बेटों और पोतों ने उनका जीवन सफल कर दिया. उनकी सेवा के लिए परिवार के सभी सदस्य हर वक्त तैयार रहते हैं. उन्हें खुशी हुई कि इस बहाने सभी बच्चों और रिश्तेदारों से मिलना हो सका. इस तरह के आयोजन पारिवारिक मिलन को बढ़ावा देते है.
