चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने अपने सभी विभागों, सार्वजनिक और शैक्षणिक संस्थानों से कहा है कि वे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सरकारी पत्राचार में ‘हरिजन’ और ‘गिरिजन’ शब्दों के इस्तेमाल पर पूर्णतः रोक लगाई जाए. चीफ सेक्रेटरी कार्यालय की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया गया है.
हरियाणा में लगातार मिल रही थी शिकायतें
चीफ सेक्रेटरी कार्यालय की ओर से जारी पत्र में लिखा गया हैं कि भारत का संविधान अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को दर्शाने के लिए इन शब्दों का इस्तेमाल नहीं करता है. प्रदेश सरकार ने भारत सरकार के निर्देशों का हवाला दिया है जिसमें सरकारी काम-काज में इन शब्दों का इस्तेमाल बंद करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है.
विभागों की लापरवाही आई सामने
हरियाणा सरकार ने इस मामले की समीक्षा की, जिसके दौरान ये सामने आया कि कुछ विभाग इन निर्देशों का सख्ती से पालन नहीं कर रहे थे जिसके बाद सरकार द्वारा सभी विभागों और अधिकारियों को केंद्र सरकार के दिशा- निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने और सभी सरकारी रिकॉर्ड, पत्राचार और संचार में हरिजन और गिरिजन शब्दों का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया गया है.
सभी अधिकारिक कार्यों में अब केवल संविधान में वर्णित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति शब्दावली का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
