चंडीगढ़ | हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर सामने आई है. बता दें कि बिजली वितरण कंपनियों दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने बिजली दरों में करीब 15 से 17% की वृद्धि का फैसला लिया है जिसके कारण से वर्ष 2026- 27 से बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है.
हरियाणा में लगभग 4 करोड़ की कमी
बिजली कंपनियों द्वारा घाटे को पूरा करने के लिए करीब 51 हजार करोड़ वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) का अनुमान लगाया है, लेकिन सब्सिडी और वर्तमान आय के बाद भी करीब 4 हजार करोड़ की कमी रहने की संभावना है. यदि हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) द्वारा इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो घरेलू और औद्योगिक श्रेणियों में 15 से 17% की बढ़ोतरी देखी जा सकती है. इलेक्ट्रिक वाहनों और ट्यूबवेल पर 5% की वृद्धि का प्रस्ताव है. HERC इस प्रस्ताव की जांच कर रहा है. अंतिम फैसला 1 अप्रैल से पहले किया जाएगा.
बिजली वृद्धि का कड़ा विरोध
इस फैसले का राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर कड़ा विरोध शुरू हो गया है. उपभोक्ता संगठन और रेजिडेंट वेलफेयर एसोशिएशन (RWA) का कहना है कि अप्रैल 2025 में ही बिजली दरों को बढ़ाया गया है, ऐसे में दुबारा बिजली दरों को बढ़ाना आम जनता पर बोझ डाल सकता है. पूर्व बिजली मंत्री प्रो. संपत सिंह ने भी पारदर्शिता में कमी बताते हुए इसका विरोध किया है.
