हरियाणा के सरकारी विभागों में हरिजन और गिरिजन शब्दों के इस्तेमाल पर लगी रोक, इस वजह से लिया फैसला

चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने अपने सभी विभागों, सार्वजनिक और शैक्षणिक संस्थानों से कहा है कि वे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सरकारी पत्राचार में ‘हरिजन’ और ‘गिरिजन’ शब्दों के इस्तेमाल पर पूर्णतः रोक लगाई जाए. चीफ सेक्रेटरी कार्यालय की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया गया है.

Haryana CM Nayab Singh Saini

हरियाणा में लगातार मिल रही थी शिकायतें

चीफ सेक्रेटरी कार्यालय की ओर से जारी पत्र में लिखा गया हैं कि भारत का संविधान अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को दर्शाने के लिए इन शब्दों का इस्तेमाल नहीं करता है. प्रदेश सरकार ने भारत सरकार के निर्देशों का हवाला दिया है जिसमें सरकारी काम-काज में इन शब्दों का इस्तेमाल बंद करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है.

विभागों की लापरवाही आई सामने

हरियाणा सरकार ने इस मामले की समीक्षा की, जिसके दौरान ये सामने आया कि कुछ विभाग इन निर्देशों का सख्ती से पालन नहीं कर रहे थे जिसके बाद सरकार द्वारा सभी विभागों और अधिकारियों को केंद्र सरकार के दिशा- निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने और सभी सरकारी रिकॉर्ड, पत्राचार और संचार में हरिजन और गिरिजन शब्दों का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया गया है.

यह भी पढ़े -  माइकल क्लार्क की स्पिन गेंदबाजी पर हरियाणा के CM नायब सैनी का कमाल, 1 ओवर में लगाए 2 छक्के

सभी अधिकारिक कार्यों में अब केवल संविधान में वर्णित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति शब्दावली का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

Avatar of Ajay Sehrawat
Ajay Sehrawat
View all posts

मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.