ज्योतिष | आज पूरे देश में बसंत पंचमी का पावन पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस दिन देश भर के मंदिरो और मस्जिदों में कई प्रकार के कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है. आपको बस हर तरफ पीले रंग की धूम दिखाई देती है. बसंत पंचमी के मौके पर ब्रज में आपको एक अलग ही माहौल देखने को मिलता है. इस दिन के साथ ही ब्रज में होली के पर्व की शुरुआत हो जाती है. मंदिर में गुलाल उड़ने लगते हैं और मंदिरों को पीले फूलों और रंगों से सजाया जाता है. आज की इस खबर में हम आपको पसंद पंचमी के वृंदावन में क्या नजारे रहते हैं, इस बारे में जानकारी देने वाले है.
बसंत पंचमी का पर्व
शाहजी मंदिर राधारमण जी को समर्पित माना जाता है, इस मंदिर की आस्था के साथ- साथ यहां पर होने वाले विशेष आयोजन और बनावट के लिए भी इस मंदिर को जाना जाता है. बसंत पंचमी के दिन इस मंदिर में विशेष आयोजन किए जाते हैं. साथ ही, रहस्यमिय कमरों के दरवाजे भी खोले जाते हैं. जिससे बसंती कमरा कहा जाता है. हम आपकी जानकारी के लिए बता दे कि यह कैमरा साल में केवल 2 दिन ही खुलता है. पहले दिन बसंत पंचमी और इसके बाद सीधे सावन महीने की त्रयोदशी और चतुर्दशी को ही खोला जाएगा है.
लगता है 56 व्यंजनों का भोग
यह कमरा बसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करता है, खुद प्रभु पीले वस्त्र पहनकर सृष्टि में खुशियां और उत्साह बनाने का संकेत भी देते हैं. कमरा खोलने के बाद राधा रमण जी को 56 भोज अर्पित किए जाते हैं जिसमें खास तौर पर पीले व्यंजनों को भी शामिल किया जाता है. इस मंदिर की बनावट काफी अद्भुत है. इसके बाहर टेढ़े- मेढ़े खंबे बने हुए हैं जो भक्तों और परिजनों के लिए भी एक बड़े आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. यहां पर हर साल लाखों करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं. मंदिर की दीवारों पर आपको जटिल नकाशी और शिल्प कला के बेहतरीन नजारे भी देखने को मिलते हैं.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
