चंडीगढ़ | हरियाणा में ग्राम पंचायतों के नियमों में कुछ बदलाव किए गए है. दरअसल पहले ग्राम पंचायत योजनाओं का लाभ उनको देती थी, जो नाम ग्रामसभा पारित करती थी, लेकिन अब ग्राम सभा का दायरा बढ़ाते हुए सभी सरकारी विभागों की स्कीमों का लाभ किसे मिलेगा, यह ग्राम सभा द्वारा ही तय किया जाएगा.इसके लिए राज्यपाल द्वारा आदेश जारी कर दिए गए है, ताकि भविष्य में होने वाली ग्रामसभाओं में पंचायतें नए कानून का पालन कर सके.इससे स्कीमों को योग्य व्यक्ति तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी और कार्य में पारदर्शिता आएगी.

हरियाणा में सभी विभागों को भेजा पत्र
सरकार राज्य के विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है जिनमें बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए पेंशन योजनाएं, गरीब परिवारों की आय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजनाएं शामिल है. इसके अतिरिक्त, महिलाओं के लिए दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना, ड्रोन दीदी योजना चलाई गई है. इसके साथ ही, शिक्षा के लिए चिराग योजना और स्वास्थ के लिए चिरायु योजना शामिल है. ये सभी योजनाएं अलग- अलग विभागों द्वारा चलाई जा रही है.
इन सभी सरकारी स्कीमों के लिए लाभार्थियों का चुनाव अब ग्राम सभा द्वारा किया जाएगा. इसके लिए सभी विभागों को पत्र भेज दिए गए है. फिलहाल, लाडो लक्ष्मी योजना के लिए नाम ग्रामसभाओं द्वारा तय किए जा रहे है.
ग्रामसभा की शक्तियां
गांव में कोई भी विकास कार्य हो, उसके लिए पहले ग्राम पंचायत की मंजूरी लेनी अनिवार्य होती है. यदि कोई गली भी बनानी है तो पहले ग्रामसभा बुलाई जाती है. इसमें सरपंच और अन्य लोगों की हाजिरी में पंचायत सचिव निर्माण कार्य का प्रस्ताव रखता है. ग्रामसभा द्वारा मंजूरी मिलने पर ही आगे की प्रक्रिया शुरू होती है. बिना ग्रामसभा की मंजूरी के एक ईंट भी नहीं हिलती है.
विवाद ग्रामसभा के कोरम को लेकर चल रहा है. पहले यह जनसंख्या का 10% था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 40% कर दिया गया है. यह निर्णय पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लिया गया है, लेकिन यह सरकार और सरपंचों के बीच विवाद का कारण बन रहा है.