झज्जर | हरियाणा के झज्जर जिले में एक शादी का कार्ड सुर्खियां बटोर रहा है. जिन्हें भी इस कार्ड के जरिए शादी का निमंत्रण मिला है, उसे पढ़कर मुस्कुरा भी रहें हैं और ठिठक भी रहें हैं और इसके पीछे कार्ड में निमंत्रण के साथ एक शर्त लिखी गई है. जिसकी वजह से ही यह कार्ड चौतरफा चर्चा का विषय बना हुआ है.
हरियाणा के झज्जर का मामला
आमतौर पर शादी के कार्डों में ‘डिनर के बाद’ का संकेत ढूंढा जाता है, वहां इस कार्ड में लाइन छपी है ‘शराब पीकर शुभ विवाह को खराब करने वाले शादी में न आएं’. यह कार्ड रेढूवास गांव निवासी और झज्जर के प्रतिष्ठित कारोबारी पंडित ओम प्रकाश वशिष्ठ के पौत्र अनिल के विवाह का हैं. परिवार ने तय किया है कि शादी खुशियों का त्योहार है, बोतलों का नहीं.
पंडित ओम प्रकाश वशिष्ठ इलाके में ‘चोटी वाले’ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं. उन्होंने शादी के कार्ड पर इस तरह की लाइन लिखाने का मतलब बताते हुए कहा कि शराब पीकर लोग अक्सर मर्यादाओं का उल्लघंन करते हैं, जिससे शादी का चाव फीका पड़ जाता है. ऐसे में वो बारात का माहौल या परिवार की प्रतिष्ठा धूमिल नहीं होने देना चाहते हैं. उनकी फैमिली की खास बात यह है कि परिवार के सभी बच्चे ‘शिखा’ (चोटी) रखते हैं.
खूब सराहना बटोर रहा संदेश
समाज का बुद्धिजीवी वर्ग इस पहल की जमकर सराहना कर रहा है. लोगों का कहना है कि यदि नशे के प्रति सख्ती दिखानी है तो प्रत्येक परिवार को शादी के दौरान इस तरह के साहसिक कदम उठाने होंगे. इससे शादियों में होने वाले झगड़ों और सड़क दुघर्टनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. वहीं,आने वाली पीढ़ी को भी नशे से दूर रखा जा सकेगा.
