चंडीगढ़ | केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026- 27 का वार्षिक बजट पेश किया है. इस बजट में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सूरत (गुजरात) से डानकुनी (पश्चिम बंगाल) तक एक नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) का ऐलान किया गया है. यह नया ईस्ट- वेस्ट कॉरिडोर औद्योगिक केंद्रों को सीधे बंदरगाहों से जोड़ेगा. इससे माल ढुलाई पर होने वाली लागत राशि में कमी आएगी और साथ ही पैसेंजर ट्रेनों की गति को बढ़ावा मिलेगा.

हरियाणा- पंजाब को मिलेगा तगड़ा फायदा
केंद्र सरकार का यह कदम विशेष रूप से बंगाल और गुजरात के व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई प्रदान करेगा जोकि आने वाले समय में अंबाला रेल मंडल के लिए भी एक विशेष पहचान बनेगा. यह नया कॉरिडोर अंबाला रेल मंडल के अधीन सहारनपुर रेलवे स्टेशन के पास पिलखनी स्टेशन से जुड़ेगा जो सीधा पंजाब के साहनेवाल तक जाता है.
ऐसे में यह ईस्ट- वेस्ट कॉरिडोर देश के एक हिस्से कोलकाता व गुवाहाटी से दूसरे हिस्से तक सुरक्षित व जल्दी सामान पहुंचाने में अहम कड़ी साबित होगा. फिलहाल सहारनपुर से साहनेवाल के बीच कॉरिडोर चालू हो चुका है.
जम्मू तक बिछेगी नई रेल लाइन
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से जम्मू तक लगभग 600 किलोमीटर लंबा एक नया फोरलेन रेलवे कॉरिडोर प्रस्तावित है. इसके लिए अंबाला, जालंधर और दिल्ली मंडलों के माध्यम से सर्वे हो चुका है और नई रेल लाइन बिछाने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय के पास लंबित था. इस प्रस्ताव के सिरे चढ़ने की उम्मीद इस रेल बजट में विभागीय अधिकारियों ने जताई है.
ईस्ट- वेस्ट कॉरिडोर के विस्तार से हरियाणा और पंजाब को भी तगड़ा फायदा पहुंचेगा. इससे देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक सामान जल्द व सुरक्षित तरीके से पहुंचाने की डगर आसान हो जाएगी- पंकज गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, अंबाला डिविजन