नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बेटियों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण योजना में बदलाव करने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दो दशक से चल रही लाडली योजना को 31 मार्च 2026 तक बंद करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है. उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ शुरू करने की योजना बनाई जा रही है जो बेटियों के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा प्रदान करेगी.
साल 2008 में लाई गई थी योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि साल 2008 में शुरू की गई ‘लाडली योजना’ को 31 मार्च को पूरी तरह बंद कर और 1 अप्रैल से ‘लखपति बिटिया योजना’ को लागू कर सरकार एक नई पहल शुरू करने जा रही है. उन्होंने बताया कि यह योजना शिक्षा पर आधारित वित्तीय प्रणाली के तौर पर तैयार की गई है जिससे बेटियों को आत्मनिर्भरता प्राप्त होगी और वे सामाजिक एवं आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनेगी. यह नई योजना पुरानी योजना से अधिक राशि उपलब्ध कराएगी.
दिल्ली की हर बेटी के लिए हम दिल्ली लखपति बिटिया योजना लेकर आ रहे हैं।
1 अप्रैल से इसे मिशन मोड में लागू किया जाएगा। pic.twitter.com/rsZs27g3XB
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) February 10, 2026
नई योजना में क्या खास?
नई योजना में सरकार हर लाभार्थी के लिए कुल 56 हजार रुपए तक की राशि जमा होगी जो पहले 36 हजार रुपए थी और यह राशि समय के साथ बढ़ती जाएगी. जब लाभार्थी की ग्रेजुएशन पूरी हो जाएगी या वह 21 वर्ष की हो जाएगी, तब यह राशि ब्याज सहित 1 लाख पहुंच जाएगी और सीधा उसके खाते में उपलब्ध हो जाएगी. योजना का लाभ प्रत्येक घर की 2 बेटियों को मिलेगा. योजना में यह बात स्पष्ट की गई है कि बेटी की शादी 18 वर्ष से पहले नहीं होनी चाहिए, वरना कोई राशि नहीं दी जाएगी.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि नई योजना के कार्यान्वयन के लिए सरकार ने 160 करोड़ रुपए का बजट तैयार किया है. इसके लिए डिजिटल पोर्टल भी विकसित किया जाएगा ताकि आवेदन प्रक्रिया सरल एवं पारदर्शी रहे. सरकार का मानना है कि नई योजना के माध्यम से बेटियों की शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत किया जाएगा.
